Dev Uthani Ekadashi Geet Lyrics: उठो देव जागो देव, हाथ-पैर फटकारो देव.. देवउठनी एकादशी गीत लिरिक्स इन हिंदी

Dev Uthani Ekadashi Geet Lyrics (उठो देव जागो देव गीत लिरिक्स): देवउठनी एकादशी के दिन देव बनाएं और देव उठाए जाते हैं। यहां से आप देवउठनी एकादशी के गीत के लिरिक्स देख सकते हैं और इसे गा सकते हैं।

Dev Uthani Ekadashi Geet Lyrics (उठो देव जागो देव गीत लिरिक्स): इस साल देव उठनी एकादशी आज यानी 1 नवंबर को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी से योग निद्रा में गए भगवान विष्णु कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुन: जागृत अवस्था में आ जाते हैं। इस दिन देव को जगाने के लिए यानी उठाने के लिए कुछ पारंपरिक गीत गाए जाते हैं। यहां से आप देवउठनी एकादशी के गीत के लिरिक्स देख सकते हैं। यहां उठो देव, बैठो देव गीत के पूरे बोल लिखे हुए हैं।

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उठो देव जागो देव देवउठनी एकादशी गीत लिरिक्स (pic credit: pinterest)

उठो देव बैठो देव गीत (Utho Dev Baitho Dev, Dev Uthani Ekadashi Geet)-

उठो देव बैठो देव

पाटकली चटकाओ देव

आषाढ़ में सोए देव

कार्तिक में जागे देव

कोरा कलशा मीठा पानी

उठो देव पियो पानी

हाथ पैर फटकारो देव

आंगुलिया चटकाओ देव

कुवारी के ब्याह कराओ देव

ब्याह के गौने कराओ

तुम पर फूल चढ़ाए देव

घीका दीया जलाये देव

आओ देव पधारो देव

तुमको हम मनाएं देव

चूल्हा पीछे पांच पछीटे

सासू जी बलदाऊ जी धारे रे बेटा

ओने कोने झांझ मंजीरा

सहोदर किशन जी तुम्हारे वीरा

ओने कोने रखे अनार

ये है किशन जी तुम्हारे व्यार

ओने कोने लटकी चाबी

सहोदरा ये है तुम्हारी भाभी

जितनी खूंटी टांगो सूट

उतने इस घर जन्मे पूत

जितनी इस घर सीक सलाई

उतनी इस घर बहुएं आईं

जितनी इस घर ईंट और रोडे

उत‌ने इस घर हाथी-घोड़े

गन्ने का भोग लगाओ देव

सिंघाड़े का भोग लगाओ देव

बेर का भोग लगाओ देव

गाजर का भोग लगाओ देव

गाजर का भोग लगाओं देव

उठो देव उठो

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