Chhath Puja Upay: छठ पूजा का व्रत मनोकामना पूर्ति करने वाला सबसे उत्तम व्रत माना जाता है। छठ पूजा के दिन छठी मईया और सूरज देवता की पूजा का विधान है। छठी मैया सूर्य देवता की बहन हैं, इसलिए छठ पर्व में सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इस व्रत की शुरुआत शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन होता है और इसका समापन सप्तमी तिथि के दिन सूर्योदय के बाद होता है। षष्ठी तिथि के दिन छठ पर्व का संध्या अर्घ्य और सप्तमी तिथि के दिन उषा अर्घ्य दिया जाता है। इस साल छठ व्रत का संध्या अर्घ्य 7 नवंबर 2024 को और उषा अर्घ्य 8 नवंबर 2024 को दिया जाएगा। जिन महिलाओं को संतान की प्राप्ति नहीं होती उनके लिए छठ दिन के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। आइए जानें छठ पूजा के दिन संतान प्राप्ति के लिए किन उपायों को करना चाहिए।
Chhath Puja Upay (छठ पूजा के खास उपाय)
निर्जला व्रत
छठ पूजा का व्रत महिलाओं के द्वारा निर्जला रहकर किया जाता है। ये व्रत पूरे 36 घंटे तक बिना जल ग्रहण किये करना होता है। छठ पूजा का निर्जला व्रत रखने से महिलाओं को संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से शारीरिक बल का भी परीक्षण होता है।
तांबे लौटे में अर्घ्य
छठ पूजा के दिन ढलते सूर्य को तांबे के लौटे में अर्घ्य अर्पित करने से और अगले दिन सुबह अर्घ्य के समय जल अर्पित करने से संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें तो इससे संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है।
दंडव्रत होकर जाएं
छठ व्रत के दिन व्रती महिलाएं शाम और सुबह अर्घ्य के समय में छठ घाट तक दंडव्रत होकर जाएं। ऐसा करने से व्रती की सारी मनोकामना की पूर्ति होती है। इसके साथ ही सूरज देवता से परिवार की शांति के लिए प्रार्थना करें।
गेहूं और गुड़ का दान
छठ पूजा के दिन महिलाएं लाल कपड़े में गेहूं और गुड़ को बांधकर गरीबों में दान करें। ऐसा करने से व्रती की सारी इच्छाओं की पूर्ति होती है।
