Chaturgrahi Yog 2026: 11 अगस्त 2026 की सुबह 4 बजकर 42 मिनट पर चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि चंद्रमा की अपनी राशि है, जबकि इस समय कर्क राशि में पहले से गुरु, सूर्य और बुध की मौजूदगी है। चंद्रमा के प्रवेश के साथ कर्क राशि में चार ग्रहों की युति बनेगी। ज्योतिष में चार ग्रहों का एक ही राशि में आना महत्वपूर्ण ग्रह संयोग माना जाता है। कर्क राशि में गुरु, सूर्य, बुध और चंद्रमा की यह युति भावनाओं, बुद्धि, निर्णय क्षमता, ज्ञान, प्रतिष्ठा और आर्थिक मामलों को प्रभावित करने वाली रहेगी। चंद्रमा के अपनी राशि में होने से इस योग का मानसिक और भावनात्मक पक्ष भी मजबूत रहेगा। इस ग्रह स्थिति का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, हालांकि कुछ राशि के लोगों के लिए यह संयोग विशेष रूप से लाभकारी रहने वाला है। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।
कर्क में बनने वाला चतुर्ग्रही योग किन राशियों के लिए शुभ रहेगा
कर्क राशि में कैसे बनेगा चतुर्ग्रही योग
11 अगस्त की सुबह चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि में पहले से गुरु, सूर्य और बुध स्थित हैं। चंद्रमा के वहां पहुंचते ही चार ग्रह एक ही राशि में आ जाएंगे। कर्क राशि चंद्रमा की स्व राशि है। गुरु के साथ चंद्रमा का संबंध भी ज्योतिष में शुभ माना जाता है। दूसरी तरफ सूर्य और बुध की युति पहले से मौजूद है। ऐसे में चंद्रमा के जुड़ने से ग्रहों का यह समूह करियर, धन, शिक्षा, परिवार, प्रतिष्ठा और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों पर अपना प्रभाव डालेगा। इस योग का वास्तविक फल प्रत्येक कुंडली में चंद्रमा की स्थिति, लग्न और संबंधित भाव के आधार पर अलग-अलग होगा। राशि स्तर पर इसका सबसे मजबूत प्रभाव उन राशियों पर दिखाई देगा, जिनके लिए कर्क राशि शुभ भाव होगी।
मेष राशि
मेष राशि के लोगों के लिए कर्क राशि चौथा भाव है। चौथा भाव सुख, संपत्ति, वाहन, माता, घर और मानसिक शांति का प्रतिनिधित्व करता है। इस भाव में चार ग्रहों की युति घरेलू और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में सक्रियता बढ़ा सकती है। करियर के लिहाज से भी समय महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी बढ़ सकती है और लंबे समय से अटका हुआ कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी में पद या भूमिका बदलने के अवसर मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में निर्णय लेने का समय बन सकता है। वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी ग्रह स्थिति सकारात्मक संकेत दे रही है। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर बातचीत के बाद समाधान निकल सकता है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लिए कर्क राशि तीसरे भाव में आती है। तीसरा भाव पराक्रम, साहस, प्रयास, छोटे भाई-बहन, संचार और यात्रा का कारक माना जाता है। चतुर्ग्रही योग वृषभ राशि के लोगों में आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। नौकरी और कारोबार में अपने प्रयासों से उपलब्धि हासिल करने के अवसर बनेंगे। डिजिटल मीडिया, लेखन, मार्केटिंग, कम्युनिकेशन और सेल्स से जुड़े लोगों के लिए समय विशेष रूप से उपयोगी रह सकता है। आर्थिक मामलों में अचानक कोई सकारात्मक अवसर मिल सकता है। पुराने संपर्कों के माध्यम से काम मिलने की संभावना भी बन सकती है। छोटी यात्राएं काम के नए रास्ते खोल सकती हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए कर्क राशि दूसरा भाव है। दूसरा भाव धन, वाणी, परिवार और बचत से जुड़ा होता है। चार ग्रहों की युति यहां आर्थिक मामलों को सक्रिय करने वाली रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को आय बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को किसी पुराने निवेश या लंबित भुगतान से फायदा हो सकता है। परिवार से जुड़ा कोई आर्थिक मामला भी आपके पक्ष में आ सकता है। बुध के प्रभाव से वाणी और संवाद क्षमता मजबूत रहेगी। बातचीत के जरिए काम निकलवाने की क्षमता बढ़ेगी। हालांकि, सूर्य और चंद्रमा की मौजूदगी के कारण भावनाओं में आकर आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि में ही गुरु, सूर्य, बुध और चंद्रमा की युति बन रही है। ऐसे में कर्क राशि के लोगों पर इसका प्रभाव सबसे प्रत्यक्ष रहेगा। चंद्रमा अपनी राशि में होने के कारण मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास को मजबूत करेंगे। गुरु का साथ ज्ञान, विस्तार और अवसरों से जुड़ा प्रभाव बढ़ाएगा। करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। व्यक्तिगत जीवन में भी महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई दे सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही किसी उलझन पर निर्णय लेने की स्थिति बनेगी। कारोबार करने वाले लोगों को विस्तार की योजना पर काम करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, चार ग्रहों का एक साथ होना मानसिक गतिविधियां भी बढ़ा सकता है। बड़े निर्णय लेते समय भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय व्यावहारिक दृष्टिकोण रखना अधिक लाभकारी रहेगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए कर्क राशि नवम भाव है। नवम भाव भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, गुरु, लंबी यात्रा और जीवन के बड़े अवसरों का प्रतिनिधित्व करता है। इस भाव में चतुर्ग्रही योग भाग्य का साथ बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। लंबे समय से जिस काम में प्रयास कर रहे हैं, उसमें सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी। नौकरी में बदलाव या उच्च पद के लिए प्रयास कर रहे लोगों को सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए भी समय अच्छा रहेगा। उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा या विदेश से जुड़े अवसरों में प्रगति के संकेत हैं। धार्मिक यात्रा या किसी महत्वपूर्ण स्थान की यात्रा का योग भी बन सकता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
