Earthquake (Bhukamp) in Delhi-NCR: 8 नवंबर 2022 को साल के आखिरी चंद्रग्रहण के बाद देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का मुख्य केंद्र पड़ोसी देश नेपाल रहा। जहां इस भूकंप की तीव्रता 6.3 थी। इस भूकंप का असर दिल्ली, नोएडा, लखनऊ समेत पूरे उत्तर भारत पर दिखा। देर रात अचानक से बिस्तर और पंखे हिलने लगे। आधी रात को आए इस भूकंप ने लोगों को खौफजदा कर दिया। लेकिन क्या भूकंप, तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का चंद्र ग्रहण से कोई कनेक्शन है? आगे इस बारे में जानेंगे विस्तार से...
भूकंप का चंद्र ग्रहण से संबंध?
धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण जल और समुद्र को प्रभावित करता है। जिस वजह से ग्रहण के प्रभाव से बाढ़, तूफान, भूकंप आने की आशंका बढ़ जाती है। खासकर चंद्र ग्रहण के बाद धरती पर भूकंप आने के ज्यादा आसार रहते हैं। दरअसल चंद्रग्रहण के समय चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है। जिससे चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल समुद्री ज्वार को प्रभावित करता है। जिससे भूकंप के आने का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि विज्ञान अनुसार चंद्र ग्रहण का सीधे तौर पर भूकंप से कोई रिश्ता नहीं है। लेकिन बीते कुछ सालों में लगे चंद्र ग्रहण और उसके बाद आए भूकंप के आंकड़ों को देखा जाए तो चंद्र ग्रहण के बाद या पहले भूकंप आने की बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता। इससे पहले भी चंद्र ग्रहण से कुछ दिन पहले या बाद में भूकंप के झटके लगते रहे हैं।
एक बार इन तारीखों पर जरूर गौर करें...
| चंद्रग्रहण | भूकंप |
| 9 जनवरी 2001 | 26 जनवरी, भारत |
| 9 नवंबर 2003 | 17 नवंबर, अलास्का |
| 28 अक्टूबर 2004 | 23 अक्टूबर, जापान |
| 3 मार्च 2007 | 6 मार्च, सुमात्रा |
| 28 अगस्त 2007 | 15 अगस्त, पेरू |
| 21 फरवरी 2008 | 21 फरवरी, इंडोनेशिया |
| 21 दिसंबर 2010 | 21 दिसंबर, जापान |
| 31 जनवरी 2018 | 31 जनवरी, भारत-पाकिस्तान |
| 17 जुलाई 2019 | 24 जुलाई 2019 को महाराष्ट्र में भूकंप |
| 5 जून 2020 | 15 जून, गुजरात |
| 8 नवंबर 2022 | 8 नवंबर, भारत-नेपाल |
