Chandra Gochar 2026 : 30 मई 2026 की सुबह 6 बजकर 38 मिनट पर चंद्रमा ने वृश्चिक राशि में प्रवेश कर लिया है। ज्योतिष शास्त्र में वृश्चिक राशि को चंद्रमा की नीच राशि माना जाता है। वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। चंद्रमा मन, भावनाओं, माता, सुख और मानसिक संतुलन के कारक ग्रह हैं। जब चंद्रमा अपनी नीच राशि में आते हैं तो व्यक्ति के विचारों में अस्थिरता, भावनात्मक उतार-चढ़ाव, निर्णय लेने में भ्रम और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। कई राशियों की प्रोफेशनल लाइफ में तख्तापलट की भी आशंका है, इस कारण अपने दुश्मनों से सतर्क रहें। चंद्रमा का यह गोचर सभी राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन कुछ राशि के लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं और अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए क्या उपाया करें।
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। ऐसे में चंद्रमा का नीच राशि में जाना आपके मानसिक और भावनात्मक जीवन को प्रभावित कर सकता है। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। संतान पक्ष से जुड़ी चिंताएं परेशान कर सकती हैं। स्टूडेंट्स का पढ़ाई में मन कम लगेगा और एकाग्रता की कमी महसूस हो सकती है। कार्यक्षेत्र में भी भावुक होकर लिए गए निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं। काफी आशंका है कि आपका पद छिन जाए। इस दौरान छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने से बचना होगा। परिवार के सहयोग से परिस्थितियां काफी हद तक संभल सकती हैं।
उपाय: भगवान शिव का अभिषेक करें और ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जप करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर चौथे भाव में होगा। घर-परिवार के मामलों में तनाव बढ़ सकता है। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। प्रॉपर्टी, भूमि और वाहन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतनी होगी। कई लोगों को घर बदलने या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण मानसिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र और घरेलू जीवन के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण रहेगा। भावनात्मक रूप से भी आप सामान्य से अधिक संवेदनशील रह सकते हैं।
उपाय: माता का सम्मान करें और सफेद चावल का दान करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों पर इस गोचर का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल सकता है क्योंकि चंद्रमा आपकी ही राशि में नीच अवस्था में हैं। मन में बेचैनी, असुरक्षा और अनावश्यक चिंता बढ़ सकती है। कई बार बिना किसी बड़े कारण के तनाव महसूस हो सकता है। वैवाहिक जीवन में भी छोटी-छोटी बातों पर मतभेद बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक थकान, अनिद्रा और सिरदर्द जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। आर्थिक मामलों में भी जल्दबाजी से बचना होगा।
उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए चंद्रमा दशम भाव में गोचर कर रहे हैं। इसका सीधा असर करियर, नौकरी और सामाजिक प्रतिष्ठा पर पड़ सकता है। कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखने में कठिनाई महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को अपने काम के लिए अपेक्षित प्रशंसा नहीं मिलने से निराशा हो सकती है। व्यापार करने वालों को महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। किसी भी दस्तावेज या अनुबंध को ध्यान से पढ़ने के बाद ही हस्ताक्षर करें।
उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और जरूरतमंदों को खीर का दान दें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए चंद्रमा नवम भाव में गोचर करेंगे। भाग्य का सहयोग अपेक्षा से कम महसूस हो सकता है। यात्रा के दौरान सावधानी रखने की आवश्यकता होगी। धार्मिक या पारिवारिक मामलों में किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है। कई बार मेहनत के बाद भी परिणाम मिलने में देरी महसूस होगी। गुरुजनों और वरिष्ठ लोगों के साथ संबंधों में संयम बनाए रखना जरूरी रहेगा। धैर्य बनाए रखने से परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में आती नजर आएंगी।
उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और दूध का दान करें।
चंद्रमा के नीच राशि में होने पर क्या माना जाता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा जब वृश्चिक राशि में आते हैं तो मन की स्थिरता प्रभावित होती है। लोगों में भावुकता बढ़ सकती है और निर्णय क्षमता कमजोर हो सकती है। इसलिए इस दौरान क्रोध, जल्दबाजी और भावनात्मक फैसलों से बचने की सलाह दी जाती है। शिव उपासना, ध्यान, जप और दान-पुण्य करने से चंद्रमा की अशुभता काफी हद तक कम की जा सकती है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
