Chaitra Navratri 2025 Dos and Don'ts: आज से शुरू हो रही है नवरात्रि, जानिए इस पावन पर्व से जुड़े नियम और विधान, नोट करें क्या करना है सही और क्या करने की है मनाही

Chaitra Navratri 2025 Dos and Don'ts: नवरात्रि, सनातन हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। ये पर्व मां आदिशक्ति के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना का होता है, जिसमें भक्त व्रत भी करते हैं। ऐसे में इस पावन व्रत से जुड़े कुछ नियम होते हैं, जिसका साधक के लिए जानना जरूरी होता है। आज हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि में क्या करना चाहिए और क्या नहीं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

Chaitra Navratri 2025 Dos and Don'ts: नवरात्रि का पर्व ह‍िंदू धर्म में व‍िशेष महत्‍व रखता है। ये त्योहार मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के लिए समर्पित होता है साथ ही इस पर्व को शक्ति, भक्ति और साधना का प्रतीक माना जाता है। मां दुर्गा असुरों को नाश करने वाली जगत जननी हैं तो अपने भक्तों पर इस अवधि में कृपा बरसाती हैं। नवरात्रि के दौरान भक्त उपवास रखते हैं, सात्त्विक भोजन ग्रहण करते हैं और मंदिरों तथा घरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मां दुर्गा की आराधना से न केवल आत्मिक शुद्धि होती है, बल्कि ये अनुष्‍ठान व्‍यक्‍त‍ि में शक्ति और साहस का संचार भी करता है। चैत्र नवरात्रि 2025 का शुभारंभ 30 मार्च से होगा और ये उत्‍सव 7 अप्रैल तक मनाया जाएगा। नवरात्रि का आठवां और नौवां दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इन दोनों तिथियों में कन्या पूजन किया जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी, और भक्त विधिपूर्वक व्रत करेंगे। मान्‍यताओं के अनुसार सही विधि से व्रत और पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में नवरात्रि की साधना में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है। यदि इन नियमों का पालन नहीं किया जाए तो व्यक्ति को मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त नहीं हो पाता है। तो चलिए जानते हैं कि नवरात्रि में क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?

Chaitra Navratri mein kya karen aur kya nahin

चैत्र नवरात्रि 2025 में क्या करें (Chaitra Navratri 2025 Dos)

  • दिन की शुरुआत स्नान से करें - प्रातः स्नान करके पूजा स्थल की सफाई करें, फिर मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें, आरती करें और सात्विक भोग अर्पित करें।
  • मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करें - नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक भव्‍य स्वरूप की पूजा करें।
  • विशेष रंगों के वस्त्र पहनें - नवरात्रि का हर दिन एक शुभ रंग से जुड़ा होता है। उस दिन के अनुसार नए और स्वच्छ वस्त्र पहनें, जो सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
  • घटस्थापना करें - नवरात्रि‍ के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना करें। ये माता रानी की पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे प्रातिपदा तिथि पर करना चाहिए।
  • स्वच्छता बनाए रखें - पूरे नौ दिनों तक घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें और पवित्रता बनाए रखें।
  • सात्विक भोजन का सेवन करें - व्रत के दौरान फल, दूध, पनीर, मखाना, सेंधा नमक, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा और साबुदाना खाना उच‍ित माना जाता है।
  • कन्या पूजन करें - अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करें। कन्याओं को आमंत्रित करके उनके पैर धोएं और उन्हें भोजन कराएं।

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