नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ कैसे करें? जानें इसके आसान नियम, जीवन में होगा सुख-समृद्धि का संचार

Chaitra Navratri Durga Saptashati Path: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इन पूरे 9 दिनों में माता दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाएगा। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ का विशेष महत्व होता है। आइए कालका पीठ मंदिर के महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत से जानते हैं कि नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ की विधि और इसके फायदे।

Chaitra Navratri Durga Saptashati Path: चैत्र नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की उपासना के लिए सबसे पवित्र माने जाते हैं। इन दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इसका पाठ करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और साधक को मां भगवती की असीम कृपा प्राप्त होती है। नवरात्रि के दौरान नवचंडी, शतचंडी और सहस्त्र चंडी जैसे यज्ञों का आयोजन भी किया जाता है, जिनमें दुर्गा सप्तशती के अनेक पाठ किए जाते हैं। आइए कालका पीठ मंदिर के महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत से जानते हैं कि नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ की विधि और इसके फायदे।

Durga Saptashati Path

दुर्गा सप्तशती पाठ

दुर्गा सप्तशती पाठ करने की सही विधि क्या है

दुर्गा सप्तशती का पाठ श्रद्धा के साथ-साथ सही विधि और नियमों के साथ करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत के अनुसार, पुस्तक को हाथ में पकड़कर नहीं, बल्कि चौकी या रेहल पर स्थापित करके पाठ करना चाहिए। इसके साथ ही पाठ की शुरुआत से पहले कवच, कीलक और अर्गला स्तोत्र का उच्चारण अनिवार्य माना गया है, साथ ही तीनों रहस्यों का पाठ भी करना चाहिए। इन सभी विधियों के बाद ही मुख्य सप्तशती का पाठ प्रारंभ करना उचित होता है। मान्यता है कि यदि इन नियमों का पालन न किया जाए, तो पाठ अधूरा रह जाता है और उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

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