Chaiti Chhath 2025 Sunrise Time, Usha Arghya Samay: देशभर में बड़े धूमधाम से छठ मनाया जा रहा है।चैती छठ का कल आखिरी दिन है। छठ महापर्व 4 दिनों का होता है, जिसकी शुरुआत खरना के साथ ही हो जाती है। कल उषा अर्घ्य का दिन है। इस दिन का विशेष महत्त्व है क्योंकि यह सूर्यदेव को उगते समय अर्घ्य देने की परंपरा को निभाता है। उषा अर्घ्य से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति बनी रहती है। कहते हैं कि छठी मईया से की पूजा कर आप मनचाहा आशीर्वाद पा सकते हैं। यहां से आप उषा अर्घ्य की तिथि, समय और महत्व जान सकते हैं।
चैती छठ 2025 की तिथियां और उषा अर्घ्य का समय
चैती छठ 2025 की शुरुआत 2 अप्रैल 2025 को नहाय-खाय से होगी। इसके बाद 3 अप्रैल को लोहंडा और खरना, 4 अप्रैल को संध्या अर्घ्य और अंत में 5 अप्रैल को उषा अर्घ्य के साथ व्रत का समापन होगा।
उषा अर्घ्य का समय-
5 अप्रैल 2025 को सूर्योदय के समय उषा अर्घ्य दिया जाएगा। सूर्योदय का संभावित समय: सुबह 5:45 बजे से 6:10 बजे के बीच (स्थान के अनुसार समय भिन्न हो सकता है)।
चैती छठ का महत्त्व-
छठ पर्व सूर्यदेव को समर्पित होता है, जो ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि के देवता माने जाते हैं। इस व्रत के दौरान व्रती पूर्ण सात्विकता और शुद्धता का पालन करते हैं। मान्यता है कि चैती छठ मनोकामना पूरी होने का पर्व है। छठ पूजा के माध्यम से परिवार के सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। धारणा यह है कि जिनकी कोई मन्नत या मनोकामना पूरी हो जाती है वे चैती छठ व्रत करते हैं। अलग-अलग मान्यताओं के मुताबिक, इसे एक, तीन या पांच साल तक किया जाता है। वहीं कई लोग मनोकामना पूरी होने तक इसे करते हैं।
