Budh Vakri: बुध ग्रह के वक्री होने से क्या होता है? जानिए शुभ होता है या अशुभ

Budh Vakri: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार माना जाता है। ये ग्रह समय- समय पर मार्गी और वक्री होते रहते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि बुध के वक्री होने से क्या होता है। यहां जानिए बुध वक्री शुभ होती है या अशुभ।

Budh Vakri: ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत ग्रहों के राजकुमान बुध ग्रह को बुद्धि , वाणी, व्यापार का कारक माना जाता है। जिस जातक की कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होती है। वो लोग व्यापार और संचार के क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ते हैं। बुध के मजबूत होने से जातक को लाभ की प्राप्ति होती है। ज्योतिष गणना के अनुसार किसी भी ग्रह का वक्री होना हर राशि के जातक पर अलग- अलग असर डालता है। बुध का वक्री होना भी पर राशि के जातक पर अलग- अलग प्रभाव डालता है। बुध व्रकी होने का मतलब होता है कि बुध ग्रह उल्टी चाल चलने लगते हैं। आइए जानें बुध ग्रह का वक्री होना शुभ होता है या अशुभ।

बुध का व्रकी होना शुभ या अशुभ

बुध के व्रकी का असर हर राशि के जातक पर अलग असर होता है। कुछ जातक की कुंडली में बुध की वक्री दशा शुभता लेकर आती है। वहीं कुछ लोगों के लिए बुध का वक्री होना अशुभ माना जाता है। बुध ग्रह के वक्री होने से व्यवहार में परिवर्तन होने लगता है। वक्री बुध का असर व्यक्ति के वाणी पर अधिक पड़ता है। इस समय में यदि आप कुछ बोलना चाहते हैं तो आप ठीक से अपनी बात नहीं रख पाते हैं। बुध व्रकी के समय में लोगों के विचार में भिन्नता देखी जा सकती है।

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