Bhai Dooj 2023 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Samagri in Hindi: पंचांग अनुसार इस साल भाई दूज 15 नवंबर के दिन मनाई जा सकेगी। ऐसा कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दोनों दिन पड़ने के कारण हो रहा है। रक्षाबंधन की तरह ही भाई दूज का त्योहार भी बहन और भाई के प्रेम को दर्शाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को सूखा गोला देती हैं और उनकी लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं (Bhai Dooj Kaise Manai Jati Hai)। भाई दूज क्यों मनाई जाती है? (Bhai Dooj Kyu Manai Jati Hai) तो बता दें कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे और युमना के आदर सत्कार से प्रसन्न होकर उन्होंने अपनी बहन को ये वरदान दिया था कि इस दिन जो बहन भी अपने भाई को टीका लगाएगी उसके भाई को लंबी आयु की प्राप्ति होगी। यहां जानिए भाई दूज पर भाई का टीका करने की विधि और पूजन सामग्री।
Bhai Dooj Puja Vidhi In Hindi
Bhai Dooj Puja Vidhi (भाई दूज की पूजन विधि)
- भाई दूज के दिनभाई का तिलक करने के लिए एक थाली तैयार करें।
- फिर इस थाली में रोली, अक्षत, नारियल का गोला, घी का दीपक और मिठाई रखें।
- इसके बाद इस थाली को पूजा स्थान पर रख दें और सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें।
- इसके बाद घर के उत्तर पूर्व दिशा में एक चौक बनाए और फिर वहां लकड़ी का पटरा रखें।
- पटरे पर अपने भाई को बिठाकर उनका तिलक करें।
- फिर भाई को फूल, पान, सुपारी और गोला देकर उनकी आरती उतारें और मिठाई खिलाएं।
- इसके बाद बहनें अपने हाथों से बना भोजन भाई को कराएं।
Bhai Dooj Puja Mantra (भाई दूज पूजा मंत्र)
बहन इस दिन भाई का तिलक करते समय ये मंत्र बोले- ‘गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजा कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े।’
Bhai Dooj Significance (भाई दूज का महत्व)
सनातन धर्म में भाई दूज का विशेष महत्व माना जाता है। इस पर्व को भाऊ बीज, टिक्का, यम द्वितीया और भातृ द्वितीया के नाम से जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भाई और बहन को साथ में यमुना में स्नान करना चाहिए। साथ ही भाई दूज की शाम को बहनों को भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए यम के नाम का दीपक घर के बाहर जलाना चाहिए। इससे भाई पर से अकाल मृत्यु का डर खत्म हो जाता है।
