Basant Panchami 2025 : बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा की जाती है। इस सास सरस्वती पूजा 14 फरवरी 2024 को मनाई जाएगी। छात्र इस त्योहार को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती सफेद कमल के फूल पर बैठकर हाथों में पुस्तक, मदिरा और माला लिए प्रकट हुई थीं। अगर सरस्वती पूजा के दिन देवी सरस्वती की विधि-विधान से पूजा की जाए तो विद्यार्थियों को जीवन में सफलता मिलने के योग बनते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन पढ़ाई करनी चाहिए या नहीं और इसके नियम।
बसंत पंचमी पर क्या पढ़ाई करनी चाहिए (What should be studied on Basant Panchami)
सरस्वती पूजा का दिन विद्यार्थीयों के लिए बहुत ही खास माना जाता है। इस दिन ज्ञान की देवी माता सरस्वती की पूजा विधि- विधान से की जाती है। इस दिन माता सरस्वती की तस्वीर के सामने बच्चे अपनी पुस्तक रखते हैं और इनकी पूजा करते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि इस दिन पढ़ाई नहीं करनी चाहिए पर ये इस कारण कहा जाता है कि इस दिन पुस्तक की पूजा की जाती है, इसलिए पढ़ाई नहीं करते हैं। शास्त्रों के अनुसार पढ़ाई शुरू करने के लिए सरस्वती पूजा का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन ही माता- पिता अपने छोटे बच्चे को पहली बार अक्षर का ज्ञान और कलम पकड़ाते हैं।
सरस्वती पूजा नियम ( Sarswati Puja Niyam)
- बसंत पंचमी के दिन बच्चों को देवी सरस्वती की पूजा करनी चाहिए और पीले फूल अर्पित करने चाहिए।
- इसके बाद मां को पीली मिठाई का भोग भी लगाना चाहिए ।
- इसके अलावा इस दिन देवी मां को पीले वस्त्र चढ़ाते हैं और केसर अंतिलक या पीला चंदन लगाते हैं।
- इस दिन बच्चे मां सरस्वती के सामने अपनी पुस्तक रखें और वाद्य यंत्र रखें।
- उसके बाद माता सरस्वती के साथ- साथ पुस्तकों की भी पूजा करें।
