महाशिवरात्रि विशेष: इसी मंदिर में गिरा था माता सती का हृदय, यहां धाम में माता शक्ति के साथ विराजते हैं महादेव

Baidyanath Temple Of Deoghar: देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम शक्तिपीठ है। इसे हृदयपीठ भी कहा जाता है, क्योंकि यहां माता सती का हृदय गिरा था। ये धाम ज्योर्तिलिंग भी है। ये शिव-शक्ति के मिलन का स्थान है। यहां से आप बाबा बैद्यनाथ धाम से जुड़ी कहानी और धार्मिक महत्व जान सकते हैं।

Baidyanath Temple Of Deoghar: झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा निराली है। बाबाधाम में भगवान शिव के साथ साक्षात माता शक्ति विराजती हैं और यह धाम जागृत भी है। देवघर को 'देवताओं का घर' भी कहा जाता है। यहां के कण-कण में महादेव हैं और हर मुख पर 'जय शिव' का अहर्निश जाप भी है। बाबा बैद्यनाथ धाम को 'शिव और शक्ति के मिलन स्थल' के रूप में भी जाना जाता है। यहां भगवान शिव के साथ माता शक्ति भी मौजूद हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र में भी 'परल्या वैद्यनाथं' का उल्लेख है।

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बाबा बैद्यनाथ धाम में शिव और शक्ति दोनों हैं, यहां पर माता सती का हृदय गिरा था और उसके ऊपर महादेव शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। इसी कारण इसे 'आत्मालिंग' और 'कामनालिंग' भी कहा जाता है। बाबा बैद्यनाथ धाम का उल्लेख करते हुए द्वादश ज्योतिर्लिंग स्रोतम में लिखा गया है, 'पूर्वोत्तरे प्रज्वलिकानिधाने सदा वसंतं गिरिजासमेतम्। सुरासुराराधितपादपद्यं श्रीवैद्यनाथं तमहं नमामि।' मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ धाम में मनोकामना मांगने पर जरूर पूरी होती है।

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