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Ram Mandir Latest Photo: अयोध्या राम मंदिर और रामलला की लेटेस्ट तस्वीरें
Ram Mandir Latest Photo: अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम की जो मूर्ति स्थापित की गई है उसमें उनका पांच वर्ष का स्वरूप दिखाया गया है। रामलला की इस मूर्ति को अरुण योगिराज ने बनाया है। मूर्ति 51 इंच की है और इसका निर्माण काले पत्थर से किया गया है। रामलला की मूर्ति पर भगवान विष्णु के 10 अवतारों को भी दर्शाया गया है। इस मूर्ति की खासियत ये है कि ये मूर्ति कई वर्षों तक ऐसे ही रहेगी। इसका रंग हल्का नहीं पड़ेगा।
JAN 22, 2024 14:19 IST
Ram Mandir Latest Photo: राम मंदिर फोटो
JAN 22, 2024 13:13 IST
Ram Ji Latest Photo: राम जी की नई तस्वीर
JAN 22, 2024 13:01 IST
राम जी की आरती इन हिंदी (Shree Ram Ji Ki Aarti In Hindi)
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन, हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव, नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि, नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु, उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर, सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
नव कंज लोचन कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव, नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि, नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु, उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर, सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
JAN 22, 2024 12:49 IST
राम जी की आरती इन हिंदी (Shree Ram Ji Ki Aarti In Hindi)
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन, हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव, नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि, नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु, उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर, सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
नव कंज लोचन कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव, नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि, नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु, उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर, सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
JAN 22, 2024 11:57 IST
at what time is pran pratishtha in ayodhya (इस मुहूर्त में होगी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा)
काशी के विद्वान पण्डितों द्वारा पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि विक्रम सम्वत 2080 तद्नुसार 22 जनवरी 2024 को श्री रामलला के पावन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त दोपहर 12:29:08 से 12:30:32 के मध्य तय किया गया है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि भी रहेगा। इसके अलावा इस दिन कुर्म द्वादशी भी रहेगी।
JAN 22, 2024 11:51 IST
Ayodhya Ram Mandir Inauguration Live (राम मंदिर उद्घाटन लाइव कैसे देखें)
अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को आप अपने फोन, टीवी, लैपटॉप आदि में लाइव देख सकते हैं। बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह का लाइव टेलिकास्ट DD News चैनल पर किया जा रहा है। दूरदर्शन ही अपनी फीड को अन्य चैनलों के साथ शेयर कर रहा है। इसके अलावा आप दूरदर्शन के यूट्यूब लिंक पर भी इस कार्यक्रम को लाइव देख सकते हैं। जानकारी अनुसार DD ने अयोध्या मंदिर परिसर सहित अलग-अलग जगहों पर कई कैमरे लगाएं हैं। भारत ही नहीं दुनिया भर में भारतीय दूतावास में भी इस कार्यक्रम को लाइव दिखाया जाएगा। इतना ही नहीं देश के मंदिरों में भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लाइव दिखाने की व्यवस्था की गई है।
JAN 22, 2024 11:18 IST
Ram Mandir Ayodhya LIVE | Shri Ram Lalla Pran Pratishtha Live | PM Modi in Ayodhya: राम मंदिर लाइव प्रसारण
JAN 22, 2024 11:13 IST
Ram Mandir Pran Pratishtha Live Darshan
JAN 22, 2024 10:55 IST
Ayodhya Ram Mandir Live Darshan Streaming: अयोध्या राम मंदिर लाइव दर्शन
JAN 22, 2024 10:32 IST
Ram Mandir Live Darshan: प्राण प्रतिष्ठा का महत्व (Pran Pratishtha Ka Mahatva)
बिना प्राण प्रतिष्ठा के मूर्ति की पूजा नहीं होती। जिस भी देवता या भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होती है, वह विग्रह सीधे उस देवता या भगवान के जैसा उसी स्वरूप व एकदम वैसा ही आवतारिक स्वरूप हो जाता है। यह भगवान के साकार स्वरूप की उपासना पद्धति का श्रेष्ठतम तरीका है। मंदिरों में भगवान की प्रतिमा स्थापित करने से पहले उसकी प्राण प्रतिष्ठा जरूर की जाती है। कहते हैं ऐसा करने से मूर्ति में प्राण आ जाते हैं और वे पूजनीय हो जाती है।
JAN 22, 2024 10:02 IST
प्राण प्रतिष्ठा समारोह (Detailed schedule of the Pran Pratistha ceremony)
12:20 PM: समारोह की शुरुआत भगवान विष्णु की प्रार्थना से होगी।
12:21 PM: पुजारी भगवान राम की उपस्थिति का आह्वान करने के लिए मंत्रों का जाप करेंगे।
12:29 PM: भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर उसे मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
12:30 PM: भगवान राम की प्रार्थना के साथ समारोह का समापन हुआ।
12:21 PM: पुजारी भगवान राम की उपस्थिति का आह्वान करने के लिए मंत्रों का जाप करेंगे।
12:29 PM: भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर उसे मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
12:30 PM: भगवान राम की प्रार्थना के साथ समारोह का समापन हुआ।
JAN 22, 2024 09:50 IST
प्राण प्रतिष्ठा की विधि (Pran Pratishtha Vidhi)
पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार सर्वप्रथम जिस देवी देवता की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। उसे गंगा जल व कम से कम 05 पवित्र नदी के जल से स्नान करवाते हैं। फिर साफ वस्त्र से मूर्ति को पोछते हैं। फिर प्रतिमा को नवीन वस्त्र धारण करवाते हैं। फिर मूर्ति को आसन पर विराजमान करके चंदन का लेप लगाते हैं। इसके बाद उसका विधिवत श्रृंगार होता है और निहित मंत्रोचार के बाद विधिवत शास्त्रवत वर्णित विधि से प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। प्राण प्रतिष्ठा के पहले उस मूर्ति का नगर में विधिवत यात्रा होती है। यह एक सामान्य विधि है। इसमें ज्योतिष व कर्मकांड के विद्वान पूरे नियम से प्राण प्रतिष्ठा करते हैं। भगवान का भोग लगाते हैं। हर देवता का पुष्प,अकच्छत, भोग अलग अलग होता है।
JAN 22, 2024 09:31 IST
रामलला की आरती (Ram Lalla Ki Aarti)
आरती कीजे श्रीरामलला की, पूण निपुण धनुवेद कला की ॥
धनुष वान कर सोहत नीके, शोभा कोटि मदन मद फीके ॥
सुभग सिंहासन आप बिराजैं, वाम भाग वैदेही राजैं ॥
कर जोरे रिपुहन हनुमाना, भरत लखन सेवत बिधि नाना ॥
शिव अज नारद गुन गन गावैं, निगम नेति कह पार न पावैं ॥
नाम प्रभाव सकल जग जानैं, शेष महेश गनेस बखानैं ॥
भगत कामतरु पूरणकामा, दया क्षमा करुना गुन धामा ॥
सुग्रीवहुँ को कपिपति कीन्हा, राज विभीषन को प्रभु दीन्हा ॥
खेल खेल महु सिंधु बधाये, लोक सकल अनुपम यश छाये ॥
दुर्गम गढ़ लंका पति मारे, सुर नर मुनि सबके भय टारे ॥
देवन थापि सुजस विस्तारे, कोटिक दीन मलीन उधारे ॥
कपि केवट खग निसचर केरे, करि करुना दुःख दोष निवेरे ॥
देत सदा दासन्ह को माना, जगतपूज भे कपि हनुमाना ॥
आरत दीन सदा सत्कारे, तिहुपुर होत राम जयकारे ॥
कौसल्यादि सकल महतारी, दशरथ आदि भगत प्रभु झारी ॥
सुर नर मुनि प्रभु गुन गन गाई, आरति करत बहुत सुख पाई ॥
धूप दीप चन्दन नैवेदा, मन दृढ़ करि नहि कवनव भेदा ॥
राम लला की आरती गावै, राम कृपा अभिमत फल पावै ॥
रामलला की आरती के बाद भगवान राम की इस आरती को भी जरूर करें
धनुष वान कर सोहत नीके, शोभा कोटि मदन मद फीके ॥
सुभग सिंहासन आप बिराजैं, वाम भाग वैदेही राजैं ॥
कर जोरे रिपुहन हनुमाना, भरत लखन सेवत बिधि नाना ॥
शिव अज नारद गुन गन गावैं, निगम नेति कह पार न पावैं ॥
नाम प्रभाव सकल जग जानैं, शेष महेश गनेस बखानैं ॥
भगत कामतरु पूरणकामा, दया क्षमा करुना गुन धामा ॥
सुग्रीवहुँ को कपिपति कीन्हा, राज विभीषन को प्रभु दीन्हा ॥
खेल खेल महु सिंधु बधाये, लोक सकल अनुपम यश छाये ॥
दुर्गम गढ़ लंका पति मारे, सुर नर मुनि सबके भय टारे ॥
देवन थापि सुजस विस्तारे, कोटिक दीन मलीन उधारे ॥
कपि केवट खग निसचर केरे, करि करुना दुःख दोष निवेरे ॥
देत सदा दासन्ह को माना, जगतपूज भे कपि हनुमाना ॥
आरत दीन सदा सत्कारे, तिहुपुर होत राम जयकारे ॥
कौसल्यादि सकल महतारी, दशरथ आदि भगत प्रभु झारी ॥
सुर नर मुनि प्रभु गुन गन गाई, आरति करत बहुत सुख पाई ॥
धूप दीप चन्दन नैवेदा, मन दृढ़ करि नहि कवनव भेदा ॥
राम लला की आरती गावै, राम कृपा अभिमत फल पावै ॥
रामलला की आरती के बाद भगवान राम की इस आरती को भी जरूर करें
JAN 22, 2024 09:29 IST
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा मुहूर्त
अयोध्या मंदिर में भगवान राम के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए विशेष मुहूर्त 22 जनवरी 2024 को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट और 08 सेकंड से लेकर 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड का शुभ मुहूर्त निर्धारित है।
JAN 22, 2024 09:23 IST
राम जी की आरती इन हिंदी (Shree Ram Ji Ki Aarti)
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन, हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव, नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि, नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु, उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर, सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
नव कंज लोचन कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव, नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि, नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु, उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर, सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
JAN 22, 2024 08:58 IST
Pran Pratishtha Time Table: प्राण प्रतिष्ठा के दिन PM मोदी का शेड्यूल
10:25 AM: अयोध्या एयरपोर्ट पर आगमन
10:55 AM: राम जन्मभूमि स्थल पर आगमन
11:00 AM - 12:15 AM: दर्शन और पूर्व-अभिषेक समारोह में भाग लेंगे
12:15 PM - 12:20 PM: प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी
12:20 PM: 121 वैदिक आचार्यों द्वारा आयोजित प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत
12:29:08 AM - 12:30:32 AM: मूर्ति प्रतिष्ठा के लिए शुभ मुहूर्त (84 सेकंड)
12:30 PM- 12:45 PM: प्राण प्रतिष्ठा का समापन, महंत नृत्य गोपाल दास का आशीर्वाद
12:45 PM - 1:00 PM: PM मोदी का संदेश, योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत का संदेश
1:00 PM: राम जन्मभूमि मंदिर स्थल से प्रस्थान
1:10 PM - 2:00 PM: सभा को संबोधित करेंगे पीएम
2:00 PM - 2:10 PM: कुबेर टीला का दौरा
2:10 PM: अयोध्या से प्रस्थान
शाम को पूरे अयोध्या में दीए जलाकर उत्सव मनाया जाएगा.
10:55 AM: राम जन्मभूमि स्थल पर आगमन
11:00 AM - 12:15 AM: दर्शन और पूर्व-अभिषेक समारोह में भाग लेंगे
12:15 PM - 12:20 PM: प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी
12:20 PM: 121 वैदिक आचार्यों द्वारा आयोजित प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत
12:29:08 AM - 12:30:32 AM: मूर्ति प्रतिष्ठा के लिए शुभ मुहूर्त (84 सेकंड)
12:30 PM- 12:45 PM: प्राण प्रतिष्ठा का समापन, महंत नृत्य गोपाल दास का आशीर्वाद
12:45 PM - 1:00 PM: PM मोदी का संदेश, योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत का संदेश
1:00 PM: राम जन्मभूमि मंदिर स्थल से प्रस्थान
1:10 PM - 2:00 PM: सभा को संबोधित करेंगे पीएम
2:00 PM - 2:10 PM: कुबेर टीला का दौरा
2:10 PM: अयोध्या से प्रस्थान
शाम को पूरे अयोध्या में दीए जलाकर उत्सव मनाया जाएगा.
JAN 22, 2024 08:36 IST
Ram Mandir Pran Pratishth: प्राण प्रतिष्ठा मंत्र
ॐ दाशरथये विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि, तन्नो राम प्रचोदयात्॥
अर्थ- राम गायत्री मंत्र सुरक्षा प्रदान करता है। यह मंत्र भगवान राम को दशरथ के पुत्र और माता सीता के पति के रूप में संबोधित करता है।
अर्थ- राम गायत्री मंत्र सुरक्षा प्रदान करता है। यह मंत्र भगवान राम को दशरथ के पुत्र और माता सीता के पति के रूप में संबोधित करता है।
JAN 22, 2024 08:23 IST
Ram Mandir Ka Udghatan Kitne Baje Hoga: राम मंदिर का उद्घाटन कितने बजे होगा
बता दें रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा पौष महीने की द्वादशी तिथि (22 जनवरी 2024) को अभिजीत मुहूर्त, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न और वृश्चिक नवांश में होगी। यह शुभ समय दोपहर के 12 बजकर 29 मिनट और 08 सेकंड से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड तक रहेगा।
JAN 22, 2024 08:07 IST
JAN 22, 2024 07:32 IST
राम जी की आरती लिखित में (Shree Ram Ji Ki Aarti)
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन, हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव, नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि, नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु, उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर, सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
नव कंज लोचन कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव, नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि, नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु, उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर, सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
