Aarti Importance: हिंदू धर्म में पूजा के बाद क्यों जरूरी है आरती, जानिए आरती का महत्व

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 14, 2023, 07:05 PM IST

Aarti Significance: पूजा में आरती करने का विशेष महत्व है। आरती के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि आरती करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और मनोकामना पूरी होती है। चलिए जानते हैं आरती करने के महत्व और इससे जुड़े नियम के बारे में यहां जिससे पूजा का लाभ मिल सके।

KEY HIGHLIGHTS
  • आरती करने से दूर होती है नकारात्मक ऊर्जा
  • आरती करने के बाद ही पूजा होती है संपन्न
  • भगवान के चरणों के पास से शुरू करनी चाहिए आरती

Puja Aarti Performing Rules and Significance: हिंदू धर्म में किसी भी पूजा के बाद आरती करने का विशेष महत्व होता है। फिर चाहे वह घर की पूजा-पाठ हो मंदिर में या कोई विशेष अनुष्ठान, बिना आरती के कोई भी पूजा संपन्न नहीं मानी जाती है। लेकिन शास्त्रों में आरती करने के महत्व के साथ ही इसके नियम के बारे में भी बताया गया है, जिसका पालन करने के बाद ही पूजा सफल और संपन्न होती है। साथ ही आरती करने से भगवान भी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

आरती करने के नियम

  • आरती हमेशा ही पीतल, तांबे या चांदी की थाली में करनी चाहिए। क्योंकि हिंदू धर्म में इन पात्रों को शुद्ध माना गया है।
  • आरती के लिए स्टील, एल्युमिनियम या लोहे की धातु से बनी थाली का प्रयोग न करें। बल्कि पूजा-पाठ में इन धातुओं के किसी भी पात्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • आरती की थाली में भोग, कपूर, फूल, अक्षत, कुमकुम, धूप, दीप आदि को सजाकर रखें।
  • आरती की शुरुआत हमेशा भगवान के चरणों से करें, इसके बाद भगवान के नाभि के पास आरती घुमाएं और इसके बाद भगवान के मुख के पास आरती घुमानी चाहिए।

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