सुर सम्राट बना सकते हैं कुंडली में मौजूद ये योग, अरिजीत सिंह को इन ग्रहों ने बनाया 'आवाज का बादशाह'

Arijit Singh Retirement Astrology : बॉलीवुड के लोकप्रिय प्लेबैक सिंगर अरिजीत सिंह ने फिल्मी गानों से संन्यास लेने का फैसला किया है। उनके फैंस को उनका यह फैसला एक सदमे की तरह लगा है, क्योंकि उनका यह फैसला अचानक से आया है। अरिजीत सिंह एक सफल गायक हैं, जिन्होंने बुलंदियों के उस मुकाम को छुआ, जहां पर जाना हर सिंगर का सपना होता है। अरिजीत को बुलंदियों तक पहुंचाने में उनकी मेहनत के साथ ही कुछ ग्रहों का बड़ा योगदान रहा है। माना जाता है कि ग्रहों के ये योग जिस व्यक्ति की कुंडली में होते हैं, वो जीवन में एक बड़ा सिंगर बनता है। आइए जानते हैं कि वे योग कौन से हैं?

Arijit Singh Retirement Astrology : बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय प्लेबैक सिंगर्स में से एक अरिजीत सिंह ने हाल ही में एक चौंकाने वाला ऐलान किया है। 38 वर्ष की उम्र में उन्होंने फिल्मी गानों से संन्यास लेने की घोषणा की है, हालांकि वे अपने पेंडिंग कमिटमेंट्स को पूरा करेंगे और 2026 तक कुछ गाने रिलीज हो सकते हैं। यह फैसला उनके प्रशंसकों के लिए सदमे जैसा है, क्योंकि अरिजीत भारत के सबसे ज्यादा स्ट्रीम्ड आर्टिस्ट हैं और उनकी आवाज ने 'तुम ही हो', 'चन्ना मेरेया' जैसे हिट्स से लाखों दिल जीते हैं, लेकिन क्या यह फैसला अचानक आया या इसके पीछे कोई गहरा कारण है? ज्योतिष शास्त्र में उनकी कुंडली को देखें तो यह सब कुछ पहले से ही संकेतित लगता है।

कौन से योग बनाते हैं सिंगर

कौन से योग बनाते हैं सिंगर?

क्या कहती है अरिजीत सिंह की कुंडली

पब्लिक डोमेन से मिली जानकारी के अनुसार अरिजीत सिंह का जन्म 25 अप्रैल 1987 को मुरशिदाबाद, पश्चिम बंगाल में हुआ था। उनकी कुंडली कर्क लग्न की है, जो भावुकता और रचनात्मकता का प्रतीक है। प्रमुख ग्रह स्थिति इस प्रकार है।

लग्न: कर्क राशि (भावुक और कल्पनाशील व्यक्तित्व)।

  • 9वां भाव (भाग्य स्थान): मीन राशि में शुक्र, गुरु, चंद्रमा, राहु और बुध का पंचग्रही योग – यह रचनात्मकता, संगीत और अप्रत्याशित सफलता का केंद्र है।
  • 10वां भाव (कर्म स्थान): मेष राशि में सूर्य (उच्च का) – नेतृत्व और प्रसिद्धि देता है।
  • 5वां भाव: वृश्चिक राशि में शनि – रचनात्मक क्षेत्र में मेहनत और देरी देता है।
  • तीसरा भाव: कन्या राशि में केतु – संचार और साहस में अनोखापन देता है।
  • 11वां भाव: वृषभ राशि में मंगल – लाभ और ऊर्जा देता है।
यह कुंडली संगीत की दुनिया में सफलता के मजबूत योग दिखाती है, लेकिन साथ ही परिवर्तन और आत्मिक खोज के संकेत भी देती है।

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