Akshya Navami Katha 2023: इस साल अक्षय नवमी 21 नवंबर यानि की आज मनाई जा रही है। अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिव आंवला खाना भी बहुत शुभ और फायदेमंद माना जाता है। अक्षय नवमी पर आंवला के पेड़ के नीचे भोजन करने की परंपरा है। अक्षय नवमी को आंवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है। अक्षय नवमी पर माता लक्ष्मी और जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विधि- विधान से करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। अक्षय नवमी के दिन से ही आंवला खाने की शुरुआत हो जाती है। इस दिन आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर पूजा करना और भोजन करना बहुत शुभ माना जाता है। यदि आप भी भगवान विष्णु की कृपा पाना चाहते हैं तो अक्षय नवमी पर इस कथा का पाठ जरुर करें। यहां पढ़ें कथा।
अक्षय नवमी व्रत कथा ( Akshya Navami Vrat Katha)
शास्त्र के कथानुसार एक बार धन की देवी मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करने आईं। तब उन्होंने देखा की हर कोई भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा कर रहा है। यह सब देखकर उनके मन में विचार आया की दोनों की एकसाथ पूजा कैसे की जा सकती है। इसी सोच में माता लक्ष्मी खो गईं। कुछ समय बाद जब गहराई से सोचा तो ख्याल आया कि धरती पर दोनों देवो की पूजा आंवला पेड़ के पास की जा सकती है। क्योंकि तुलसी और आंवला दोनों में ही भरपूर गुण पाये गए हैं। इसके बाद से ही मां लक्ष्मी ने दोनों देवों की आंवला के पेड़ के नीचे पूजा की मां लक्ष्मी की भक्ति को देख दोनों देव उनके सामने प्रकट हो गए। तब माता लक्ष्मी ने दोनों देवों को आंवला पेड़ के नीचे भोजन पका के खिलाया। तब से हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर अक्षय नवमी मनाने की परंपरा शुरु हो गई।
