Akshaya Tritiya bhog list : आज 19 अप्रैल अक्षय तृतीया का दिन है। इस बार 19 और 20 अप्रैल दोनों दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जा रहा है। अक्षय तृतीया का पर्व भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन पूजा के साथ भोग का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से लगाया गया भोग जीवन में सुख, समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि करता है। खास बात यह है कि अक्षय तृतीया पर ठंडे और सात्विक खाद्य पदार्थों का भोग लगाना अधिक शुभ माना जाता है, क्योंकि यह समय गर्मी का होता है।
अक्षय तृतीया भोग लिस्ट
अक्षय तृतीया पर क्यों लगाया जाता है सत्तू का भोग (Sattu Bhog Importance)
अक्षय तृतीया पर सत्तू का भोग लगाना सबसे उत्तम माना जाता है। सत्तू भुने हुए चने से बना होता है और इसकी तासीर ठंडी होती है, जो गर्मी में शरीर को शीतलता देता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु को सत्तू अर्पित करने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और जीवन में स्थिरता बनी रहती है। आप सत्तू को घोल बनाकर या लड्डू के रूप में भोग लगा सकते हैं।
खीर और हलवा का भोग (Kheer aur Halwa Bhog)
इस दिन खीर और हलवा बनाना भी बहुत शुभ माना जाता है। खासतौर पर चावल की खीर, केसर की खीर या बेसन का हलवा भगवान को अर्पित किया जाता है। खीर को समृद्धि और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। केसर का उपयोग करने से इसका महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय होता है।
चने की दाल और पूरन पोली (Chana Dal Bhog)
अक्षय तृतीया पर चने की दाल से बने व्यंजन भी विशेष रूप से बनाए जाते हैं। पारंपरिक रूप से पूरन पोली (चने की दाल और गुड़ से बना पकवान) का भोग लगाया जाता है। यह न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी इसे शुभ माना गया है। यह भोग भगवान को प्रसन्न करने के साथ-साथ परिवार में खुशहाली आती है।
पीली मिठाइयों का भोग
इस दिन पीले रंग की मिठाइयां जैसे केसर बर्फी, बूंदी के लड्डू या हल्दी से बने व्यंजन चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। पीला रंग मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को प्रिय होता है और इसे समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस कारण पूजा में पीले रंग के भोग को जरूर शामिल करें। अक्षय तृतीया पर मौसमी फल जैसे आम, केला और मीठे शरबत का भोग लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है।
