Akshaya Tritiya 2027: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को ऐसे शुभ दिनों में गिना जाता है, जब बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी हर मांगलिक कार्य किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्म, दान, पूजा और खरीदारी का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे “अक्षय” तृतीया कहा जाता है। वर्ष 2027 में अक्षय तृतीया (akshaya tritiya) का पर्व रविवार, 9 मई को मनाया जाएगा। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर पड़ने वाला यह दिन सुख-समृद्धि, धन वृद्धि और नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है।
अक्षय तृतीया 2027 में कब पड़ेगी
अक्षय तृतीया 2027 तिथि और शुभ समय
पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया की तृतीया तिथि 8 मई 2027 को प्रातः 01:13 बजे से शुरू होकर उसी दिन रात 10:33 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 9 मई को पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च स्थिति में माने जाते हैं, इसलिए पूरे दिन को अत्यंत शुभ माना जाता है।
क्यों माना जाता है अक्षय तृतीया इतना खास
शास्त्रों में अक्षय तृतीया को अनंत पुण्य देने वाला पर्व कहा गया है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और त्रेतायुग का आरंभ भी इसी तिथि से हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को अक्षय पात्र का वरदान इसी दिन दिया था, जिससे भोजन कभी समाप्त नहीं होता था। इसलिए यह दिन समृद्धि, अन्न और धन की वृद्धि से जुड़ा हुआ है।
सोना खरीदने की परंपरा का महत्व
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया स्वर्ण घर में स्थायी लक्ष्मी का प्रतीक बनता है। लोग सोने के आभूषण, सिक्के या निवेश के रूप में गोल्ड खरीदते हैं। इसके अलावा चांदी, बर्तन, भूमि, वाहन या नए व्यवसाय की शुरुआत भी इस दिन बेहद फलदायी मानी जाती है।
नए काम शुरू करने का श्रेष्ठ अवसर
अगर कोई व्यक्ति नया व्यापार, निवेश, गृह प्रवेश, विवाह तय करना या किसी महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत करना चाहता है, तो अक्षय तृतीया को सर्वोत्तम दिन माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह अबूझ मुहूर्त होता है, यानी इस दिन अलग से शुभ समय देखने की आवश्यकता नहीं होती।
दान और सेवा का विशेष महत्व
अक्षय तृतीया केवल खरीदारी का पर्व नहीं है, बल्कि दान और सेवा का भी दिन है। इस दिन जलदान, अन्नदान, वस्त्रदान, छाया दान और जरूरतमंदों की सहायता करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी, शरबत या फल का वितरण विशेष रूप से शुभ माना गया है।
कैसे मनाएं अक्षय तृतीया
इस दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घर में स्वच्छता बनाए रखना, पीले या हल्के रंग के वस्त्र पहनना और सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा और सकारात्मक भाव से किया गया हर कार्य इस दिन कई गुना फल देने वाला माना गया है।
