Akshay Navami Upay: अक्षय नवमी पर आंवले का सेवन क्यों किया जाता है,जानिए क्या हैं इसके फायदे

Akshay Navami Upay: अक्षय नवमी पर भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा करने की परंपरा है, जिससे देवी लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। जानिए अक्षय नवमी 2023 की तारीख और आंवला सेवन के फायदे के बारे में। यहां जानें सारी जानकारी।

Akshay Navami Upay: कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन श्रीहरि और आंवले के वृक्ष की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु आंवले के वृक्ष पर निवास करते हैं इसलिए इसे आंवला नवमी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने और उसका सेवन करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। देवी लक्ष्मी की कृपा से साधक को आर्थिक लाभ मिलता है। आइए जानते हैं अक्षय नवमी कब है और इस दिन आंवला का सेवन क्यों करना चाहिए।

Akshay Navami Upay

अक्षय नवमी डेट ( Akshay Navami Date)

21 नवंबर 2023, मंगलवार को अक्षय नवमी है। आंवला नवमी का भी शुभ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन दान जप और तप का फल अक्षय फल प्राप्त होता है। इस दिन लोग आंवले के पेड़ की पूजा करने के बाद उसकी छाया में बैठकर भोजन करते हैं। इससे सभी प्रकार के पाप और रोग दूर हो जाते हैं।

अक्षय नवमी पर आंवले का सेवन क्यों किया जाता है

कार्तिक शुक्ल नवमी को धात्री नवमी, आंवला नवमी और कुष्मांडा नवमी, पेठा नवमी या सीताफल नवमी भी कहा जाता है। स्कंदपुराण के अनुसार अक्षय नवमी को आंवले की पूजा करने से स्त्रियों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और पेठा की पूजा करने से घर में शांति, संतान की आयु और वृद्धि होती है।आंवले के वृक्ष में सभी देवताओं का वास है और यह फल भगवान विष्णु को भी अत्यंत प्रिय है। यदि आंवले की पूजा करना संभव न हो तो अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ के नीचे खाना बनाकर खाना चाहिए, उस दिन आंवले का सेवन करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक शुक्ल नवमी के दिन आंवले के पेड़ से अमृत की बूंदें गिरती हैं और जब कोई व्यक्ति इस पेड़ के नीचे खाना खाता है तो उसके भोजन में अमृत का अंश दिखाई देता है। फलस्वरूप लोग रोगों से मुक्त होकर दीर्घायु होते हैं। चरक संहिता के अनुसार, महर्षि च्यवन ने अक्षय नवमी के दिन आंवला खाकर पुनः युवावस्था प्राप्त की थी।

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