Ahoi Ashtami 2026 Moonrise Time Today (1 November 2026): आज अहोई अष्टमी पर चंद्रमा कितने बजे निकलेगा, जानें 50 शहरों में चंद्रोदय का समय और चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि: आज 1 नवंबर 2026, रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। शाम को अहोई माता की पूजा और व्रत कथा के बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है। हालांकि, कुछ परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है।
आज चांद कितने बजे निकलेगा
ऐसे में जिन महिलाओं के घर में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है, वे आज का चंद्रोदय समय जानना चाहती हैं। भारत के अलग-अलग शहरों में आज चंद्रमा अलग-अलग समय पर निकलेगा। दिल्ली में चंद्रोदय रात करीब 11:40 बजे, जयपुर में 11:49 बजे, लखनऊ में 11:28 बजे और कोलकाता में 11:05 बजे होगा। वहीं मुंबई में चंद्रमा 2 नवंबर की आधी रात के बाद करीब 12:15 बजे दिखाई देगा।
आइए जानते हैं अहोई अष्टमी पर दिल्ली, नोएडा, मुंबई, जयपुर, जोधपुर, लखनऊ, पटना, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु समेत भारत के 50 बड़े शहरों में चंद्रमा कितने बजे निकलेगा। साथ ही जानेंगे चंद्रमा को अर्घ्य देकर अहोई अष्टमी का व्रत कैसे खोलें।
अहोई अष्टमी पर चंद्रमा कितने बजे निकलेगा
अहोई अष्टमी पर चंद्रोदय का समय हर शहर में अलग होता है। इसकी वजह अलग-अलग स्थानों की भौगोलिक स्थिति और चंद्रमा के क्षितिज पर आने का समय है। 1 नवंबर की रात पूर्वोत्तर भारत के कुछ शहरों में चंद्रमा जल्दी निकलेगा, जबकि पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई शहरों में आधी रात के बाद चंद्रोदय होगा।
दिल्ली-NCR, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में चंद्रोदय का समय
उत्तर भारत के इन शहरों में आज अहोई अष्टमी पर चंद्रमा रात करीब 11:30 बजे से 11:45 बजे के बीच दिखाई देने का अनुमान है।
- दिल्ली: रात 11:40 बजे।
- चंडीगढ़: रात 11:38 बजे।
- अमृतसर: रात 11:44 बजे।
- शिमला: रात 11:36 बजे।
- जम्मू: रात 11:42 बजे।
- श्रीनगर: रात 11:39 बजे।
- देहरादून: रात 11:33 बजे।
- हरिद्वार: रात 11:34 बजे।
उत्तर प्रदेश के शहरों में आज चंद्रमा कितने बजे दिखेगा
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भी चंद्रोदय के समय में अंतर रहेगा। यहां लखनऊ से लेकर वाराणसी और गोरखपुर तक शहरवार समय जानें।
- लखनऊ: रात 11:28 बजे।
- कानपुर: रात 11:31 बजे।
- आगरा: रात 11:40 बजे।
- मथुरा: रात 11:41 बजे।
- अयोध्या: रात 11:23 बजे।
- प्रयागराज: रात 11:27 बजे।
- वाराणसी: रात 11:22 बजे।
- गोरखपुर: रात 11:18 बजे।
राजस्थान में चंद्रमा निकलने का समय
राजस्थान के प्रमुख शहरों में आज चंद्रोदय रात करीब 11:49 बजे से 12:02 बजे के बीच होने का अनुमान है। जोधपुर और उदयपुर में चंद्रमा 2 नवंबर की आधी रात के बाद दिखाई देगा।
- जयपुर: रात 11:49 बजे।
- जोधपुर: रात 12:02 बजे, 2 नवंबर।
- उदयपुर: रात 12:02 बजे, 2 नवंबर।
बिहार और झारखंड में चंद्रोदय का समय
बिहार और झारखंड के शहरों में चंद्रमा रात करीब 11:06 बजे से 11:16 बजे के बीच निकल सकता है।
- पटना: रात 11:13 बजे।
- गया: रात 11:15 बजे।
- मुजफ्फरपुर: रात 11:11 बजे।
- रांची: रात 11:16 बजे।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चंद्रमा कब निकलेगा?
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में आज चंद्रमा निकलने का समय इस प्रकार है।
- भोपाल: रात 11:49 बजे।
- इंदौर: रात 11:57 बजे।
- उज्जैन: रात 11:56 बजे।
- रायपुर: रात 11:35 बजे।
गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में चंद्रोदय का समय
पश्चिम भारत के कई शहरों में चंद्रमा आधी रात के बाद दिखाई देगा। अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, पुणे और गोवा समेत प्रमुख शहरों का समय यहां देखें।
- अहमदाबाद: रात 12:10 बजे, 2 नवंबर।
- गांधीनगर: रात 12:09 बजे, 2 नवंबर।
- सूरत: रात 12:12 बजे, 2 नवंबर।
- वडोदरा: रात 12:09 बजे, 2 नवंबर।
- राजकोट: रात 12:19 बजे, 2 नवंबर।
- मुंबई: रात 12:15 बजे, 2 नवंबर।
- पुणे: रात 12:12 बजे, 2 नवंबर।
- नासिक: रात 12:10 बजे, 2 नवंबर।
- नागपुर: रात 11:46 बजे।
- पणजी: रात 12:17 बजे, 2 नवंबर।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में चंद्रमा कितने बजे दिखेगा?
पूर्वोत्तर भारत में चंद्रोदय का समय देश के कई दूसरे हिस्सों की तुलना में जल्दी रहेगा। इन शहरों में रात 10:35 बजे से 11:20 बजे के बीच चंद्रमा निकलने का अनुमान है।
- कोलकाता: रात 11:05 बजे।
- भुवनेश्वर: रात 11:19 बजे।
- पुरी: रात 11:20 बजे।
- गुवाहाटी: रात 10:44 बजे।
- शिलांग: रात 10:45 बजे।
- गंगटोक: रात 10:55 बजे।
- अगरतला: रात 10:50 बजे।
दक्षिण भारत में चंद्रोदय का समय
दक्षिण भारत के कुछ शहरों में चंद्रमा 1 नवंबर की रात 11:54 बजे से दिखाई देगा, जबकि केरल और कर्नाटक के कई शहरों में चंद्रोदय 2 नवंबर की आधी रात के बाद होगा।
- हैदराबाद: रात 11:55 बजे।
- बेंगलुरु: रात 12:06 बजे, 2 नवंबर।
- चेन्नई: रात 11:54 बजे।
- विशाखापत्तनम: रात 11:35 बजे।
- कोच्चि: रात 12:16 बजे, 2 नवंबर।
- तिरुवनंतपुरम: रात 12:15 बजे, 2 नवंबर।
नोट: ऊपर दिए गए समय पंचांग और खगोलीय गणना पर आधारित अनुमानित चंद्रोदय समय हैं। आधी रात के बाद जिन शहरों का समय दिया गया है, वहां चंद्रमा 2 नवंबर 2026 को निकलेगा। वास्तविक रूप से चंद्रमा दिखाई देने में स्थानीय क्षितिज, ऊंची इमारतों, पहाड़ियों, बादलों और मौसम के कारण कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
अहोई अष्टमी पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत कैसे खोलें
अहोई अष्टमी पर सामान्य रूप से तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। हालांकि, कुछ परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने का रिवाज भी है। अगर आपके घर में भी चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है, तो इस विधि से पूजा कर सकती हैं।
- सबसे पहले शाम को अहोई माता की पूजा पूरी करें और व्रत कथा सुनें।
- चंद्रमा के उदय से पहले एक साफ लोटे में शुद्ध जल भर लें।
- अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार जल में थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत और फूल डाल सकती हैं।
- चंद्रमा निकलने के समय खुले स्थान पर जाकर चंद्रमा के दर्शन करें।
- चंद्रमा की ओर मुख करके दोनों हाथों से लोटा पकड़ें और धीरे-धीरे जल अर्पित करें।
- अर्घ्य देते समय 'ॐ सोमाय नमः' मंत्र का जाप कर सकती हैं।
- इसके बाद अहोई माता का ध्यान करें और संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत तथा सुखी जीवन की कामना करें।
- हाथ जोड़कर चंद्रमा और अहोई माता को प्रणाम करें।
- फिर अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार संतान के हाथ से जल या प्रसाद ग्रहण करके व्रत का पारण करें।
क्या अहोई अष्टमी पर तारों की जगह चंद्रमा को अर्घ्य दे सकते हैं
अहोई अष्टमी का प्रमुख पारंपरिक विधान शाम को तारों के दर्शन करके उन्हें अर्घ्य देना और उसके बाद व्रत खोलना है। हालांकि, कुछ परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पारण करने की परंपरा भी है। इस कारण अगर आपके परिवार में चंद्रमा को देखकर व्रत खोलने का रिवाज है, तो अपने शहर का चंद्रोदय समय देखकर पूजा कर सकती हैं, लेकिन सभी परिवारों के लिए तारों की जगह चंद्रमा को अर्घ्य देना एक समान या अनिवार्य नियम नहीं है। अपनी पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार ही व्रत का पारण करें।
अहोई अष्टमी 2026 की तिथि कब से कब तक है
हिंदू पंचांग के अनुसार, अहोई अष्टमी की अष्टमी तिथि 1 नवंबर 2026 को दोपहर 2:52 बजे शुरू हुई है और 2 नवंबर 2026 को दोपहर 1:11 बजे समाप्त होगी। इसी दिन संतान की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना से अहोई माता की पूजा की जाती है।
