Chanakya Niti in Hindi: अगर कोई व्यक्ति कुछ गलत कर रहा होता है तो ज्यादातर लोग उसे आगे बढ़कर अक्सर सलाह देने लग जाते हैं। दूसरों को सही रास्ता दिखाना अच्छा कार्य होता है, लेकिन आचार्य चाणक्य की मानें तो किसी को भी सलाह देने से पहले एक बार जरूर सोच लेना चाहिए। आचार्य ने अपने नीति शास्त्र में लोगों को जीवन का व्यवहारिक ज्ञान देते हुए बताया है कि कुछ लोगों को नेक सलाह देना भी व्यक्ति को भारी पड़ सकता है। आचार्य कहते हैं कि कुछ ऐसे लोग होते हैं जो आपके सही सलाह का भी गलत मतलब निकाल सकते हैं। आचार्य ने कुछ ऐसे ही लोगों के बारे में बताते हुए कहा है कि अगर आपने इन लोगों को सलाह दी तो समझ लीजिए कि आप इनके सबसे बड़े दुश्मन बन जाएंगे।
आचार्य चाणक्य के अनुसार सुखी जीवन चाहते हैं तो हमेशा रहें इनसे दूर
1. लालची प्रवृत्ति के लोग
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि लालची प्रवृत्ति के लोगों को अगर आप कोई सलाह दे रहे हैं तो समझ लीजिए कि आप उसे अपना दुश्मन बना रहे। ऐसे लोग हर कार्य लालच में पड़कर ही करते हैं। अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए ऐसे लोग गलत मार्ग पर चलने में भी परहेज नहीं करते। अगर आप इन्हें सही मार्ग पर चलने की सलाह देंगे तो समझ सकते हैं कि ये आपके साथ क्या करेंगे।
2. मूर्ख लोग
चाणक्य का मानना है कि मूर्ख व्यक्ति को कोई उपदेश या सलाह देना पूरी तरह से व्यर्थ होता है। सही सलाह हमेशा ज्ञानी व्यक्ति को ही देना चाहिए। क्योंकि ऐसी बातें यही लोग समझ कर अपने अच्छे-बुरे का फैसला कर सकते हैं। ऐसी बातें मूर्खों के समझ में नहीं आती है। इन बातों को सुनकर मूर्ख व्यक्ति आपको अपना शत्रु मान सकता है।
3. दुष्ट लोग
आचार्य चाणक्य कहते हैं जो लोग स्वभाव से ही दुष्ट होते हैं, उनसे दूर रहना ही सबसे बेहतर रहता है। क्योंकि ऐसे लोगों को अच्छे लोग हमेशा अपना दुश्मन ही नजर आते हैं। ऐसे में अगर आप छल कपट करने वाले दुष्ट व्यक्ति को कोई नेक सलाह देने पहुंच गए तो हो सकता है कि वो आपको भारी नुकसान पहुंचा दे। इनसे दूरी में ही भलाई है।
4. शक करने वाले
आचार्य चाणक्य के अनुसार जो लोग हमेशा दूसरों पर शक करते हैं उनसे हमेशा दूर रहने में ही भलाई है। क्योंकि ऐसे लोग समझाने या सलाह देने वाले को ही अपना सबसे बड़ा दुश्मन मान उसको ही नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगते हैं। आचार्य कहते हैं कि, इस तरह सोच वाले लोगों को भूलकर भी सलाह नहीं देनी चाहिए।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
