Chanakya Niti to Defeat Enemy: चाणक्‍य के ये उपाय बेहद कामगार, शक्तिशाली शत्रु भी हो जाता है परास्‍त

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 28, 2023, 10:37 PM IST

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि सभी के जीवन में किसी न किसी तरह के शत्रु अवश्‍य होते हैं। अगर आप सफल व्‍यक्ति हैं तो आपके शत्रु हमेशा आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश करें। इसलिए अपने शत्रुओं से निपटने के लिए पहले से ही व्‍यक्ति को पूरी तैयारी करके रखनी चाहिए, नहीं तो पराजय निश्चित होती है। आचार्य ने शत्रुओं को पराजय करने के खास उपाय बताया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • शक्तिशाली शत्रु के सामने से पीछे हट जाना ही बेहतर
  • सही समय पर शत्रु पर करें वार
  • शत्रु की कमजोरियों का पता लगाकर फिर करें वार


Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य को अर्थशास्‍त्र, कूटनीति और नीतिशास्‍त्र का प्रखंड ज्ञाता कहा जाता है। आचार्य अपने जीवन में कई ऐसे शास्‍त्रों की रचना की, जिसका अनुसरण कर कई राजा-महाराजाओं ने दशकों तक राज किया। इन शास्‍त्रों में से नीति शास्‍त्र सबसे अहम है। आचार्य चाणक्‍य नीतिशास्‍त्र में कहते हैं कि, हर व्‍यक्ति के जीवन में सफलता के साथ कई अन्‍य मुश्किलें भी आती हैं। सफलता के साथ दुश्‍मन बनने बहुत ही सामान्‍य बात है। नीतिशास्त्र में इन दुश्‍मनों को हराने और उस पर विजय प्राप्‍त करने के बहुत ही प्रभावशाली तरीके बताया गया है। चाणक्‍य के इन तरीकों को अपना कर कोई भी अपने दुश्‍मन पर विजय हासिल कर सकता है।

बलवान शत्रु के सामने डटे रहना बुद्धिमानी नहीं

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि, हमेशा शत्रु से आमने-सामने डट कर मुकाबला करना बुद्धिमानी नहीं होती है। जब शत्रु आपसे अधिक बलवान हो तो उस समय पीछे हट जाना ही सबसे बेहतर विकल्‍प होता है। इसके बाद आप मजबूत रणनीति बनाने के साथ सही समय आने का इंतजार करें। हो सके तो इस दौरान खुद को शक्तिशाली बनाने और अपने शुभचिंतकों से विचार-विमर्श कर बेहतर रणनीति तैयार करें। मौका मिलते ही पूरी तैयारी के साथ अपने शत्रु पर फिर से प्रहार करें।

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