Aaj Kya Hai 7 June 2026 : आज 7 जून 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर आज भानु सप्तमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। जब रविवार और सप्तमी तिथि का संयोग बनता है तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। सूर्यदेव को समर्पित यह तिथि स्वास्थ्य, यश, सौभाग्य और सफलता प्रदान करने वाली मानी जाती है। इस बार भानु सप्तमी का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि यह पुरुषोत्तम मास यानी अधिकमास में पड़ रही है, जो भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है।
आज क्या है
आज 7 जून को क्या है (Aaj Kya Hai)
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि 7 जून 2026 को तड़के 2 बजकर 40 मिनट पर शुरू हुई है और 8 जून को रात 12 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। ऐसे में 7 जून को सूर्योदय के समय सप्तमी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए उदया तिथि के आधार पर भानु सप्तमी का पर्व आज ही मनाया जा रहा है। रविवार के दिन सप्तमी तिथि का संयोग सूर्य उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक सूर्यदेव की पूजा करने से रोग, दुख और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
आज बन रहे हैं शुभ योग
भानु सप्तमी के दिन कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं। आज सूर्योदय के समय रवि योग और द्विपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन योगों में की गई पूजा, जप, तप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। सूर्य उपासना करने वाले भक्तों के लिए यह दिन विशेष रूप से फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में रवि योग को सफलता और बाधाओं के नाश का योग माना गया है।
भानु सप्तमी पर कैसे करें सूर्यदेव की पूजा
भानु सप्तमी के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ या पीले रंग के वस्त्र धारण करें। सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प, रोली, अक्षत और थोड़ा सा गुड़ डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
अर्घ्य देते समय 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक, सूर्य चालीसा या गायत्री मंत्र का पाठ किया जा सकता है। सूर्य पूजा के साथ भगवान विष्णु का स्मरण करना भी विशेष फलदायी माना गया है क्योंकि अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित है।
भानु सप्तमी पर क्या करें दान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भानु सप्तमी पर दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन, लाल वस्त्र, फल, शीतल जल और अन्न का दान करना शुभ माना गया है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना और पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना भी पुण्यदायी माना गया है।
क्या है भानु सप्तमी का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में सूर्यदेव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वे जीवन, ऊर्जा, स्वास्थ्य और आत्मबल के कारक हैं। भानु सप्तमी पर की गई सूर्य उपासना व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से सूर्य पूजा करने पर सूर्य दोषों से राहत मिलती है, रोगों का नाश होता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। अधिकमास में पड़ने वाली भानु सप्तमी का महत्व सामान्य भानु सप्तमी की तुलना में अधिक माना जाता है। इसलिए आज का दिन सूर्य नारायण की कृपा प्राप्त करने और पुण्य अर्जित करने का एक दुर्लभ अवसर माना जा रहा है।
