Aaj Ka Panchang: 25 नवंबर 2025, मंगलवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रात 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। इस कारण आज भगवान राम और माता सीता के विवाह का पर्व विवाह पंचमी मनाया जा रहा है। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा रात 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र लगेगा। योग में गण्ड दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। करण में बव सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक और बालव रात 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग रात 11 बजकर 57 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। यह किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत उत्तम है।
विवाह पंचमी का पंचांग 25 नवंबर 2025
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 24 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 11 बजकर 2 मिनट पर उदय होगा और शाम 9 बजकर 33 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 32 मिनट 38 सेकंड और रात की अवधि 13 घंटे 28 मिनट 9 सेकंड रहेगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 8 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल पंचमी रात 10 बजकर 56 मिनट तक, फिर शुक्ल षष्ठी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा रात 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र। उत्तराषाढ़ा का पहला पाद सुबह 10 बजकर 59 मिनट तक और दूसरा पाद शाम 5 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। करण बव सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक, फिर बालव।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 दोपहर 3 बजकर 7 मिनिवट तक रहेगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में) है। प्रविष्टे/गते 10 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में रहेगा। सूर्य वृश्चिक राशि में है और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रात 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र में चला जाएगा। उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र दृढ़ संकल्प, नेतृत्व और सफलता की ऊर्जा प्रदान करेंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। ठंड बढ़ चुकी है, सुबह-शाम काफी सर्दी महसूस हो रही है।
25 नवंबर के दिन का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:04 से 5:58 बजे तक (ध्यान-पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:31 से 6:52 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:47 से दोपहर 12:29 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बेस्ट)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:36 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:22 से 5:49 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:24 से 6:45 बजे तक
- अमृत काल: शाम 5:00 से 6:45 बजे तक
- रवि योग: रात 11:57 बजे से 26 नवंबर सुबह 6:53 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:42 बजे से 26 नवंबर सुबह 12:35 बजे तक
25 नवंबर के दिन का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 2:46 से 4:05 बजे तक (नए काम न करें)
- यमगण्ड: सुबह 9:30 से 10:49 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:08 से 1:27 बजे तक
- विडाल योग: शाम 5:29 बजे से 26 नवंबर सुबह 1:41 बजे तक
- आडल योग: 26 नवंबर सुबह 1:41 से 6:53 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:58 से 9:40 बजे तक
- वर्ज्य: 26 नवंबर सुबह 4:13 से 5:56 बजे तक और रात 10:48 से 11:42 बजे तक
- बाण: रोग − सुबह 11:39 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मानस शाम 5 बजकर 29 मिनट तक, फिर पद्म, लुम्बक, मरण रहेगा। तमिल योग में अमृत शाम 5 बजकर 29 मिनट तक, फिर सिद्ध रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में एक नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति बुध को दी जाएगी। दिशा शूल उत्तर दिशा में है – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास रात 10 बजकर 56 मिनट तक आकाश में फिर पाताल में, चंद्र वास दक्षिण, राहु वास पश्चिम, शिववास रात 10 बजकर 56 मिनट तक कैलाश पर फिर नंदी पर रहेगा। कुंभ चक्र रात 11 बजकर 57 मिनट तक पूर्व में फिर दक्षिण में रहेगा।
