Aaj Ka Panchang: 24 नवंबर 2025, सोमवार का दिन है। आज हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि रात 9 बजकर 22 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा रात 9 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, फिर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लगेगा।
24 नवंबर 2025 का पंचांग
योग में शूल दोपहर 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। करण में वणिज सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक और विष्टि रात 9 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग सुबह 6 बजकर 51 मिनट से रात 9 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। यह किसी भी शुभ कार्य के लिए बहुत उत्तम योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 51 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 25 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर उदय होगा और शाम 8 बजकर 34 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 33 मिनट 37 सेकंड और रात की अवधि 13 घंटे 27 मिनट 10 सेकंड रहेगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 8 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल चतुर्थी रात 9 बजकर 22 मिनट तक, फिर शुक्ल पंचमी। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा रात 9 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, फिर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र। पूर्वाषाढ़ा का पहला पाद सुबह 8 बजकर 43 मिनट तक और दूसरा पाद दोपहर 3 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। करण वणिज सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक, फिर विष्टि। भद्रा सुबह 8 बजकर 25 मिनट से रात 9 बजकर 22 मिनट तक रहेगी।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में) है। प्रविष्टे/गते 9 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्रमा 25 नवंबर सुबह 4 बजकर 27 मिनट तक धनु राशि में रहेगा, फिर मकर राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य वृश्चिक राशि में है और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रात 9 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, फिर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में चला जाएगा। पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र साहस, दृढ़ता और सफलता की ऊर्जा देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। ठंड बढ़ रही है, रातें और भी ठंडी हो गई हैं।
24 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:03 से 5:57 बजे तक (ध्यान-पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:30 से 6:51 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:47 से दोपहर 12:29 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बेस्ट)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:36 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:22 से 5:49 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:25 से 6:45 बजे तक
- अमृत काल: शाम 4:36 से 6:22 बजे तक
- रवि योग: सुबह 6:51 से रात 9:53 बजे तक (कोई भी शुभ कार्य करें)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:41 बजे से 25 नवंबर सुबह 12:35 बजे तक
24 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 8:10 से 9:29 बजे तक (नए काम न करें)
- यमगण्ड: सुबह 10:49 से दोपहर 12:08 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 1:27 से 2:46 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:29 से 1:11 बजे तक और दोपहर 2:36 से 3:18 बजे तक
- वर्ज्य: 25 नवंबर सुबह 6:35 से 8:19 बजे तक
- बाण: रोग − सुबह 11:55 बजे से पूरी रात
- भद्रा: सुबह 8:25 से रात 9:22 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में उत्पात रात 9 बजकर 53 मिनट तक, फिर मृत्यु और मरण रहेगा। तमिल योग में मरण रात 9 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में नेत्रहीन (रात 9:53 तक) रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति बुध को दी जाएगी। दिशा शूल पूर्व दिशा में है – पूर्व की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में, चंद्र वास 25 नवंबर सुबह 4:27 तक पूर्व में फिर दक्षिण में, भद्रावास सुबह 8:25 से रात 9:22 तक पाताल में, राहु वास उत्तर-पश्चिम, शिववास रात 9:22 तक क्रीड़ा में फिर कैलाश पर रहेगा। कुंभ चक्र पूर्व में रहेगा।
