Aaj Ka Panchang: आज की रात 10 बजकर 54 मिनट तक कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। नक्षत्र रात 8 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, फिर कृत्तिका लग जाएगा। इसकी प्रकार वज्र योग रात 9 बजकर 32 तक रहेगा, फिर सिद्धि योग लग जाएगा। करण वणिज दोपहर 12 बजकर 37 तक रहेगा इसके बाद विष्टि करण लग जाएगा। सबसे अंत में बव करण लगेगा।
आज का पंचांग (pic credit- canva)
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 6:18
सूर्यास्त: शाम 5:58
चंद्रोदय: रात 7:22
चंद्रास्त: सुबह 8:35
तिथि और नक्षत्र
तिथि: कृष्ण तृतीया (रात 10:54 तक), इसके बाद कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र: भरणी (रात 8:02 तक), इसके बाद कृत्तिका
नक्षत्र पद:
भरणी (दूसरा पद सुबह 9:23 तक, तीसरा पद दोपहर 2:42 तक, चौथा पद रात 8:02 तक)
कृत्तिका (पहला पद रात 1:23, 10 अक्टूबर तक; दूसरा पद इसके बाद)
योग और करण
योग: वज्र (रात 9:32 तक), इसके बाद सिद्धि
करण: वणिज (दोपहर 12:37 तक), इसके बाद विष्टि (रात 10:54 तक), फिर बव
वार और पक्ष
वार: गुरुवार
पक्ष: कृष्ण पक्ष
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत: 2082 (कालायुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
गुजराती संवत: 2081 (नल)
बृहस्पति संवत्सर: कालायुक्त (25 अप्रैल 2025, दोपहर 3:07 तक), इसके बाद सिद्धार्थी
चंद्र मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमांत)
प्रविष्टे/गते: 23
राशि और सूर्य नक्षत्र
चंद्र राशि: मेष (10 अक्टूबर, रात 1:23 तक), इसके बाद वृषभ
सूर्य राशि: कन्या
सूर्य नक्षत्र: हस्त (चौथा पद)
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु: शरद
वैदिक ऋतु: शरद
द्रिक अयन: दक्षिणायन
वैदिक अयन: दक्षिणायन
दिनमान: 11 घंटे 39 मिनट 30 सेकंड
रात्रिमान: 12 घंटे 21 मिनट 3 सेकंड
9 अक्टूबर का शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 से 5:29
प्रातः संध्या: सुबह 5:04 से 6:18
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:31
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:05 से 2:51
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:58 से 6:23
सायाह्न संध्या: शाम 5:58 से रात 7:12
अमृत काल: दोपहर 3:47 से शाम 5:12
निशिता मुहूर्त: रात 11:44 से 12:33 (10 अक्टूबर)
9 अक्टूबर का अशुभ काल
राहुकाल: दोपहर 1:36 से 3:03
यमगण्ड: सुबह 6:18 से 7:46
गुलिक काल: सुबह 9:13 से 10:41
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:12 से 10:58, दोपहर 2:51 से 3:38
वर्ज्य: सुबह 7:16 से 8:41
बाण: रज (सुबह 11:56 से पूरी रात तक)
भद्रा: दोपहर 12:37 से रात 10:54
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग: पद्म (रात 8:02 तक, शुभ), इसके बाद लुंबक (अशुभ)
तमिल योग: सिद्ध (रात 8:02 तक), इसके बाद मरण
जीवनम और नेत्रम
जीवनम: पूर्ण जीवन
नेत्रम: दो नेत्र
निवास और शूल
होमाहुति: मंगल
दिशा शूल: दक्षिण
अग्निवास: पृथ्वी (रात 10:54 तक), इसके बाद आकाश
भद्रावास: स्वर्ग (दोपहर 12:37 से रात 10:54 तक)
शिववास: क्रीड़ा में (रात 10:54 तक), इसके बाद कैलाश पर
चंद्र वास: पूर्व (10 अक्टूबर, रात 1:23 तक), इसके बाद दक्षिण
राहु वास: दक्षिण
कुंभ चक्र: उत्तर (रात 8:02 तक, अशुभ), इसके बाद गर्भ (अशुभ)
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🌕 चंद्रबल: मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ
🌟 दिशा शूल: दक्षिण दिशा
🌠 ताराबल: अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद आदि।
