Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 5 March 2026: 5 मार्च 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज चैत्र मास (पूर्णिमांत) के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सायंकाल तक रहेगी, इसके पश्चात तृतीया तिथि प्रारंभ होगी। चंद्रमा कन्या राशि में स्थित रहेंगे। आज द्वितीया तिथि होने के कारण होली वाली भाईदूज का पर्व भी आज मनाया जाएगा। आज के शुभ समय में बहनें अपने भाइयों को रोचना कर सकती हैं। आइए पंचांग के माध्यम से जानते हैं कि आज के दिन का शुभ और अशुभ समय क्या है?
5 मार्च का पंचांग
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
5 मार्च को सूर्य का उदय सुबह 06:42 बजे और सूर्यास्त शाम 06:23 बजे होगा। चंद्रमा का उदय रात 08:17 बजे और चन्द्रास्त सुबह 07:32 बजे होगा।
आज का पंचांग
आज कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 05:03 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी। नक्षत्र के अनुसार उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र सुबह 08:17 बजे तक रहेगा, इसके बाद हस्त नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग की बात करें तो शूल योग सुबह 07:46 बजे तक रहेगा, इसके बाद गण्ड योग प्रभावी होगा। करण के अनुसार गर करण शाम 05:03 बजे तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण 6 मार्च की सुबह 05:24 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात विष्टि करण प्रारंभ होगा।
वार एवं पक्ष
आज गुरुवार है। संपूर्ण दिन कृष्ण पक्ष रहेगा।
चन्द्र मास, सम्वत एवं संवत्सर
आज विक्रम सम्वत 2082 कालयुक्त, शक सम्वत 1947 विश्वावसु तथा गुजराती सम्वत 2082 पिंगल मान्य रहेगा। चन्द्र मास चैत्र (पूर्णिमांत) तथा फाल्गुन (अमान्त) रहेगा। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 03:07 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद सिद्धार्थी संवत्सर प्रारंभ होगा। प्रविष्टे या गते 21 रहेगा।
राशि तथा नक्षत्र
चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का चतुर्थ चरण सुबह 08:17 बजे तक रहेगा। इसके बाद हस्त नक्षत्र का प्रथम चरण दोपहर 02:32 बजे तक, द्वितीय चरण रात 08:49 बजे तक, तृतीय चरण 6 मार्च को रात्रि 03:08 बजे तक तथा चतुर्थ चरण उसके बाद रहेगा। सूर्य कुम्भ राशि में स्थित हैं और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के प्रथम चरण में विराजमान हैं।
ऋतु तथा अयन
द्रिक गणना के अनुसार वसंत ऋतु तथा वैदिक गणना के अनुसार शिशिर ऋतु का प्रभाव रहेगा। उत्तरायण जारी रहेगा। दिनमान 11 घंटे 41 मिनट 07 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 17 मिनट 47 सेकंड रहेगा। मध्याह्न काल दोपहर 12:33 बजे रहेगा।
5 मार्च के दिन का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:04 बजे से 05:53 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:28 बजे से 06:42 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:16 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:21 बजे से 06:46 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:23 बजे से 07:37 बजे तक
अमृत काल: 6 मार्च की रात्रि 03:11 बजे से 04:52 बजे तक
निशिता मुहूर्त: 6 मार्च की रात्रि 12:08 बजे से 12:57 बजे तक
5 मार्च के दिन का अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 02:00 बजे से 03:28 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 06:42 बजे से 08:10 बजे तक
आडल योग: सुबह 08:17 बजे से 6 मार्च की सुबह 06:41 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:36 बजे से 11:23 बजे तक तथा दोपहर 03:16 बजे से 04:03 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 09:37 बजे से 11:05 बजे तक
वर्ज्य: शाम 05:07 बजे से 06:47 बजे तक
भद्रा: 6 मार्च की सुबह 05:24 बजे से 06:41 बजे तक
बाण के अनुसार 6 मार्च को रात्रि 12:57 बजे तक अग्नि बाण प्रभावी रहेगा।
आनन्दादि एवं तमिल योग
आज आनन्दादि योग में मातंग योग सुबह 08:17 बजे तक रहेगा, इसके बाद राक्षस योग प्रभावी होगा। तमिल योग में अमृत योग सुबह 08:17 बजे तक रहेगा, इसके बाद मरण योग प्रभावी होगा। जीवनम पूर्ण जीवन रहेगा और नेत्रम दो नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
आज होमाहुति सुबह 08:17 बजे तक चन्द्र को तथा उसके बाद मंगल को समर्पित मानी जाएगी। दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा। नक्षत्र शूल सुबह 08:17 बजे तक उत्तर दिशा में रहेगा। अग्निवास पृथ्वी पर रहेगा। चन्द्र वास दक्षिण दिशा में रहेगा। भद्रावास 6 मार्च की सुबह 05:24 बजे से पूर्ण रात्रि तक पाताल में रहेगा। राहु वास दक्षिण दिशा में रहेगा। शिववास शाम 05:03 बजे तक सभा में रहेगा, इसके बाद क्रीड़ा में माना जाएगा। कुम्भ चक्र उत्तर दिशा में प्रभावी रहेगा।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। यह केवल सामान्य सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
