Aaj Ka Panchang 5 March 2025: पंचांग से जानें फाल्गुन शुक्ल पक्ष की षष्ठी त‍िथि‍ के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और उपायों के बारे में

Aaj Ka Panchang 5 March 2025 (आज का पंचांग 5 मार्च 2025): आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये दिन भगवान गणेश का होता है जो सभी विघ्नों को दूर करते हैं। इन्हें प्रथम पूज्य भगवान के रूप में भी पूजा जाता है, सभी कार्यों को मंगल करते हैं। ऐसे में आप यहां पर आज का पंचांग 5 मार्च 2025 देख सकते हैं।

Aaj Ka Panchang 5 March 2025 (आज का पंचांग 5 मार्च 2025): हिंदू धर्म में हर दिन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से जुड़ा होता है। बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से बुद्धि, व्यापार, संचार और ज्ञान से जुड़े कार्यों को करना शुभ माना जाता है। बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। गणपति को विघ्नहर्ता और बुद्धि का देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जातक की बुद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्‍त्र में बुधवार का संबंध बुध ग्रह से है, जो बुद्धि, तर्क, वाणी, संचार, व्यापार और गणित का कारक माना जाता हैं। यदि किसी की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो उसे इस दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करने और हरे मूंग का दान करने की सलाह दी जाती है। बुधवार के दिन भगवान गणपति का व्रत-पूजन करने से जीवन में शांति, व्यापार में उन्नति और वाणी में मधुरता आती है। आज की तिथि शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और उपायों के बारे में जानने के ल‍िए यहां देखें आज का पंचांग 5 मार्च 2025।

Aaj ka Panchang 5 March 2025

Aaj ka Panchang 5 March 2025

Aaj Ka Panchang 5 March 2025 (आज का पंचांग 5 मार्च 2025)

आज का पंचांग 5 मार्च 2025

  • संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
  • माह-फाल्गुन,शुक्ल पक्ष
  • तिथि- षष्ठी 12:54 पी.एम तक फिर सप्तमी
  • पर्व- सप्तमी
  • दिवस -बुधवार
  • सूर्योदय - 06:43 ए.एम सूर्यास्त - 6:23 पी.एम
  • नक्षत्र - कृतिका
  • चन्द्र राशि - मेष, स्वामी ग्रह -मंगल 08:14 ए.एम तक फिर वृष, स्वामी ग्रह-शुक्र
  • सूर्य राशि - कुंभ,स्वामी ग्रह-शनि
  • करण - तैतिल 12:,03 पी.एम तक फिर गरज
  • योग - वैधृति 11:08 पी.एम तक फिर विष्कुम्भ

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