Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 4 October 2026 Panchang: 4 अक्टूबर 2026, रविवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज नवमी तिथि देर रात 3 बजकर 53 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस कारण आज नवमी श्राद्ध किया जाएगा। चंद्रमा आज मिथुन राशि से निकलकर शाम 6 बजकर 31 मिनट के बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। दिनभर पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होगा। आइए जानते हैं 4 अक्टूबर का पूरा पंचांग क्या कह रहा है।
4 अक्टूबर का पंचांग
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
4 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 4 मिनट पर होगा। दिन की अवधि करीब 11 घंटे 48 मिनट 18 सेकंड रहेगी। चंद्रोदय रात 12 बजकर 40 मिनट पर होगा और चंद्रास्त दोपहर 1 बजकर 58 मिनट पर रहेगा।
4 अक्टूबर 2026 की तिथि
आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। नवमी तिथि 5 अक्टूबर की देर रात 3 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। रविवार होने के कारण आज सूर्य उपासना और धार्मिक कार्यों के लिए दिन विशेष माना जाता है।
आज का नक्षत्र
4 अक्टूबर को पुनर्वसु नक्षत्र रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होगा। पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे और शाम 6 बजकर 31 मिनट के बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। रात में पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा।
आज का योग और करण
आज दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक परिघ योग रहेगा। इसके बाद शिव योग शुरू होगा। करण की बात करें तो तैतिल करण शाम 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इसके बाद गर करण शुरू होगा, जो 5 अक्टूबर की सुबह 3 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण लगेगा।
आज की चंद्र राशि और सूर्य राशि
4 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 31 मिनट तक चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। इसके बाद चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य इस दिन कन्या राशि में स्थित रहेंगे। सूर्य का नक्षत्र हस्त रहेगा। सूर्य हस्त नक्षत्र के दूसरे पद में सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक रहेंगे, इसके बाद तीसरे पद में प्रवेश करेंगे।
आज का पक्ष और चंद्र मास
आज कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। पूर्णिमांत गणना के अनुसार चंद्र मास आश्विन रहेगा, जबकि अमांत गणना में भाद्रपद मास चल रहा है। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 के अनुसार आज का दिन आता है। विक्रम संवत 2083 का नाम सिद्धार्थी और शक संवत 1948 का नाम पराभव है।
ऋतु और अयन
4 अक्टूबर को द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु रहेगी, जबकि वैदिक गणना में वर्षा ऋतु मानी गई है। सूर्य दक्षिणायण में रहेंगे। दिनमान 11 घंटे 48 मिनट 18 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 12 मिनट 13 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर होगा।
4 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:38 बजे से 5:27 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:02 बजे से 6:15 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:08 बजे से 2:55 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:04 बजे से 6:28 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 6:04 बजे से 7:17 बजे तक
- अमृत काल: रात 9:57 बजे से 11:28 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:45 बजे से 12:34 बजे तक
- रवि पुष्य योग: रात 12:13 बजे से 5 अक्टूबर की सुबह 6:16 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: रात 12:13 बजे से 5 अक्टूबर की सुबह 6:16 बजे तक
4 अक्टूबर के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: शाम 4:35 बजे से 6:04 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:10 बजे से 1:38 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 3:07 बजे से 4:35 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 4:29 बजे से 5:17 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 12:51 बजे से 2:22 बजे तक
- आडल योग: सुबह 6:15 बजे से 5 अक्टूबर की रात 12:13 बजे तक
- विडाल योग: रात 12:13 बजे से 5 अक्टूबर की सुबह 6:16 बजे तक
आज का दिशा शूल
4 अक्टूबर को रविवार होने के कारण दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यात्रा की योजना बनाते समय दिशा शूल का ध्यान रखें। आज चंद्रमा शाम 6:31 बजे तक पश्चिम दिशा में और इसके बाद उत्तर दिशा में रहेंगे।
आज का निवास और शूल
आज होमाहुति राहु में है। अग्निवास 5 अक्टूबर की सुबह 3 बजकर 53 मिनट तक पाताल में रहेगा और इसके बाद पृथ्वी में होगा। शिववास 3 बजकर 53 मिनट तक सभा में रहेगा और उसके बाद क्रीड़ा में रहेगा। राहु वास उत्तर दिशा में रहेगा।
आनंदादि योग और तमिल योग
आज आनंदादि योग में केतु/ध्वज का प्रभाव रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। इसके बाद श्रीवत्स योग शुरू होगा। तमिल योग के अनुसार रात 12 बजकर 13 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा और इसके बाद फिर सिद्ध योग का प्रभाव बना रहेगा। आज जीवनम अर्ध और नेत्रम एक नेत्र रहेगा।
