Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 12 October 2026 Panchang: 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। आज द्वितीया तिथि रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। स्वाती नक्षत्र रात 11 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र शुरू होगा। आज विष्कम्भ योग शाम 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगा और इसके बाद प्रीति योग लगेगा।
12 अक्टूबर का पंचांग
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
12 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर और चंद्रास्त शाम 6 बजकर 36 मिनट पर रहेगा। आज दिनमान 11 घंटे 34 मिनट 54 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 25 मिनट 40 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर होगा।
12 अक्टूबर 2026 की तिथि
आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। द्वितीया तिथि रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। भक्त मां को फूल, फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करके सुख, शांति और सफलता की कामना करते हैं।
आज का नक्षत्र
12 अक्टूबर को स्वाती नक्षत्र रात 11 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र शुरू होगा। स्वाती नक्षत्र के दूसरे पद में सुबह 11 बजकर 8 मिनट तक, तीसरे पद में शाम 5 बजकर 29 मिनट तक और चौथे पद में रात 11 बजकर 52 मिनट तक चंद्रमा रहेंगे। इसके बाद विशाखा नक्षत्र का पहला पद शुरू होगा।
आज का योग और करण
आज विष्कम्भ योग रात 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके बाद प्रीति योग शुरू होगा। करण की बात करें तो बालव करण सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके बाद कौलव करण शुरू होगा, जो रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण लगेगा।
आज की चंद्र राशि और सूर्य राशि
12 अक्टूबर को चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे। सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं। सूर्य का नक्षत्र चित्रा है और सूर्य चित्रा नक्षत्र के पहले पद में रहेंगे। चंद्रमा तुला राशि में होने से आज के पंचांग में तुला राशि का प्रभाव प्रमुख रहेगा।
आज का पक्ष और चंद्र मास
आज शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। पूर्णिमांत और अमांत, दोनों गणनाओं के अनुसार आश्विन मास चल रहा है। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी और शक संवत 1948 पराभव है। गुजराती संवत 2082 पिङ्गल चल रहा है। नवरात्रि के दूसरे दिन मंदिरों और घरों में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाएगी।
नवरात्रि का दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी तप, संयम और दृढ़ संकल्प की देवी हैं। सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल पर मां की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। मां को फूल, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद दुर्गा चालीसा या मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का पाठ करके आरती करें। पूजा के दौरान मन को शांत रखकर मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में सफलता की प्रार्थना करें।
ऋतु और अयन
द्रिक और वैदिक, दोनों गणनाओं के अनुसार आज शरद ऋतु रहेगी। सूर्य दक्षिणायण में स्थित हैं। आज दिनमान 11 घंटे 34 मिनट 54 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 25 मिनट 40 सेकंड रहेगा।
12 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:41 बजे से 5:30 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:06 बजे से 6:20 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:03 बजे से 2:50 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:55 बजे से 6:20 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:55 बजे से 7:09 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 2:35 बजे से शाम 4:16 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:43 बजे से 13 अक्टूबर की रात 12:33 बजे तक
12 अक्टूबर के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: सुबह 7:47 बजे से 9:14 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 1:34 बजे से 3:01 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:31 बजे से 1:17 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 2:50 बजे से 3:36 बजे तक
- आडल योग: सुबह 6:20 बजे से रात 11:52 बजे तक
- विडाल योग: रात 11:52 बजे से 13 अक्टूबर की सुबह 6:20 बजे तक
- वर्ज्य: 13 अक्टूबर की सुबह 5:54 बजे से 7:37 बजे तक
आज का आनंदादि योग और तमिल योग
आज आनंदादि योग में छत्र योग रात 11 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इसके बाद मित्र योग शुरू होगा। तमिल योग के अनुसार रात 11 बजकर 52 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा और इसके बाद अमृत योग शुरू होगा। जीवनम रात 11 बजकर 52 मिनट तक निर्जीव रहेगा और इसके बाद अर्ध जीवन होगा। नेत्रम नेत्रहीन रहेगा।
आज का दिशा शूल
12 अक्टूबर को सोमवार होने के कारण दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा। चंद्रमा पश्चिम दिशा में रहेंगे और राहु वास उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा। यात्रा की योजना बनाते समय दिशा शूल का ध्यान रखा जा सकता है।
आज का निवास और शूल
आज होमाहुति सूर्य में रहेगी। अग्निवास रात 10 बजकर 13 मिनट तक आकाश में रहेगा और इसके बाद पाताल में होगा। शिववास रात 10 बजकर 13 मिनट तक गौरी के साथ रहेगा और इसके बाद सभा में रहेगा। कुम्भ चक्र पूर्व दिशा में रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
