आज का पंचांग (10 December 2025): आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी दोपहर 1 बजकर 46 मिनट तक रहेगी, उसके बाद कृष्ण सप्तमी लग जाएगी। नक्षत्र मघा 11 दिसंबर सुबह 2 बजकर 44 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। योग वैधृति दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, फिर विष्कंभ योग लग जाएगा। करण वणिज दोपहर 1 बजकर 46 मिनट तक, फिर विष्टि 11 दिसंबर सुबह 1 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
10 दिसंबर का पंचांग
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 3 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 25 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा रात 11 बजकर 11 मिनट पर उदय होगा और 11 दिसंबर सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 21 मिनट 47 सेकंड और रात की लंबाई 13 घंटे 38 मिनट 53 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण षष्ठी दोपहर 1:46 तक, फिर कृष्ण सप्तमी। नक्षत्र मघा 11 दिसंबर सुबह 2:44 तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी। करण वणिज दोपहर 1:46 तक, फिर विष्टि व बव।
चन्द्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत), मार्गशीर्ष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 25।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक), अयन दक्षिणायन।
10 दिसंबर का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:14 से 6:09 बजे तक (ध्यान-जप के लिए सर्वोत्तम)
प्रातः संध्या: सुबह 5:41 से 7:03 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: आज कोई अभिजित मुहूर्त नहीं
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 से 2:39 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:22 से 5:50 बजे तक
सायाह्न संध्या: शाम 5:25 से 6:47 बजे तक
अमृत काल: 11 दिसंबर रात 12:18 से 1:55 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:47 से 12:42 बजे तक (11 दिसंबर)
रवि योग: सुबह 7:03 से 11 दिसंबर सुबह 2:44 तक
10 दिसंबर का अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:14 से 1:32 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 8:21 से 9:39 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:56 से दोपहर 12:14 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:53 से दोपहर 12:35 बजे तक
वर्ज्य: दोपहर 2:33 से 4:11 बजे तक
भद्रा: दोपहर 1:46 से 11 दिसंबर सुबह 1:45 बजे तक
गण्ड मूल: सुबह 7:03 से 11 दिसंबर सुबह 2:44 तक
बाण: चोर – 11 दिसंबर सुबह 6:26 तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में चर 11 दिसंबर सुबह 2:44 तक, फिर स्थिर। तमिल योग में सिद्ध 11 दिसंबर सुबह 2:44 तक, फिर अमृत। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में दो नेत्र 11 दिसंबर सुबह 2:44 तक, फिर एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति गुरु में। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर दिशा की यात्रा टालें। अग्निवास पाताल दोपहर 1:46 तक, फिर पृथ्वी में। चंद्र वास पूर्व में। राहु वास दक्षिण-पश्चिम, भद्रावास मृत्यु में दोपहर 1:46 से 11 दिसंबर सुबह 1:45 तक। शिववास भोजन में दोपहर 1:46 तक, फिर श्मशान में। कुम्भ चक्र गर्भ (अशुभ)।
