Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 8 October 2026: 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज प्रदोष व्रत और त्रयोदशी श्राद्ध किया जाएगा। त्रयोदशी तिथि रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। गुरु प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:59 बजे से रात 08:27 बजे तक रहेगा। चंद्रमा आज सिंह राशि में तड़के 3 बजकर 18 मिनट तक रहेंगे और इसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा।
8 अक्टूबर का पंचांग
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
8 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त शाम 4 बजकर 29 मिनट पर रहेगा। आज दिनमान 11 घंटे 41 मिनट 34 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 18 मिनट 58 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 8 मिनट पर होगा।
8 अक्टूबर 2026 की तिथि
आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगी और इसके बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। पितृपक्ष के दौरान आने वाली त्रयोदशी तिथि पर त्रयोदशी श्राद्ध किया जाएगा। आज गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की उपासना भी की जा सकती है। शाम के समय त्रयोदशी तिथि में प्रदोष व्रत का पूजन किया जाएगा।
आज का नक्षत्र
8 अक्टूबर को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के दूसरे पद में सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक, तीसरे पद में दोपहर 3 बजकर 23 मिनट तक और चौथे पद में रात 9 बजकर 20 मिनट तक चंद्रमा रहेंगे। इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का पहला पद शुरू होगा।
आज का योग और करण
आज शुक्ल योग 9 अक्टूबर की रात 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसके बाद ब्रह्म योग शुरू होगा। करण की बात करें तो गर करण सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण शुरू होगा, जो रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण लगेगा।
आज की चंद्र राशि और सूर्य राशि
8 अक्टूबर को चंद्रमा तड़के 3 बजकर 18 मिनट तक सिंह राशि में रहेंगे। इसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं। सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेंगे और हस्त नक्षत्र के चौथे पद में रहेंगे। चंद्रमा के कन्या राशि में आने के बाद सूर्य के साथ एक ही राशि में चंद्रमा की स्थिति बनेगी।
आज का पक्ष और चंद्र मास
आज कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। पूर्णिमांत गणना के अनुसार आश्विन मास चल रहा है, जबकि अमांत गणना के अनुसार भाद्रपद मास है। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी और शक संवत 1948 पराभव है। गुजराती संवत 2082 पिङ्गल चल रहा है।
प्रदोष व्रत आज
आज त्रयोदशी तिथि होने के कारण प्रदोष व्रत रखा जाएगा। गुरुवार को पड़ने वाला प्रदोष गुरु प्रदोष कहलाता है। प्रदोष व्रत में शाम के समय भगवान शिव की पूजा की जाती है। आज सूर्यास्त शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा और उसके आसपास प्रदोष काल रहेगा। शाम के समय शिवलिंग का अभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, फूल और दीप अर्पित करके भगवान शिव की पूजा की जा सकती है।
त्रयोदशी श्राद्ध आज
आज पितृपक्ष की त्रयोदशी तिथि है, इसलिए जिन पितरों की श्राद्ध तिथि त्रयोदशी है उनके लिए श्राद्ध कर्म किया जाएगा। पितरों का तर्पण, ब्राह्मण भोजन और सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य किया जा सकता है। श्राद्ध कर्म दिन के निर्धारित समय में पूरा करने के बाद शाम को प्रदोष व्रत की पूजा की जा सकती है।
ऋतु और अयन
द्रिक गणना के अनुसार आज शरद ऋतु रहेगी, जबकि वैदिक गणना में वर्षा ऋतु है। सूर्य दक्षिणायण में स्थित हैं। दिनमान 11 घंटे 41 मिनट 34 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 18 मिनट 58 सेकंड रहेगा।
8 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:39 बजे से 5:28 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:04 बजे से 6:18 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:05 बजे से 2:52 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:59 बजे से 6:24 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:59 बजे से 7:13 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 3:01 बजे से 4:36 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:44 बजे से 9 अक्टूबर की रात 12:33 बजे तक
8 अक्टूबर के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: दोपहर 1:36 बजे से 3:04 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 6:18 बजे से 7:45 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:13 बजे से 10:41 बजे तक
- विडाल योग: सुबह 6:18 बजे से रात 9:20 बजे तक
- आडल योग: रात 9:20 बजे से 9 अक्टूबर की सुबह 6:18 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:12 बजे से 10:58 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 2:52 बजे से 3:39 बजे तक
- वर्ज्य: 9 अक्टूबर की सुबह 4:32 बजे से 6:08 बजे तक
- भद्रा: रात 10:15 बजे से 9 अक्टूबर की सुबह 6:18 बजे तक
आज का आनंदादि योग और तमिल योग
आज आनंदादि योग में गद योग रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इसके बाद मातङ्ग योग शुरू होगा। तमिल योग के अनुसार रात 9 बजकर 20 मिनट तक मरण योग रहेगा और इसके बाद अमृत योग शुरू होगा। आज जीवनम रात 9 बजकर 20 मिनट तक अर्ध रहेगा और इसके बाद निर्जीव रहेगा। नेत्रम पूरे समय नेत्रहीन रहेगा।
आज का दिशा शूल
8 अक्टूबर को गुरुवार होने के कारण दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा। चंद्रमा तड़के 3 बजकर 18 मिनट तक पूर्व दिशा में और इसके बाद दक्षिण दिशा में रहेंगे। राहु वास भी दक्षिण दिशा में रहेगा। यात्रा पर निकलते समय दिशा शूल का ध्यान रखा जा सकता है।
आज का निवास और शूल
आज होमाहुति केतु में रहेगी। अग्निवास रात 10 बजकर 15 मिनट तक पाताल में रहेगा और इसके बाद पृथ्वी में होगा। भद्रावास रात 10 बजकर 15 मिनट से 9 अक्टूबर की तड़के 3 बजकर 18 मिनट तक मृत्यु में रहेगा, इसके बाद पाताल में रहेगा। शिववास रात 10 बजकर 15 मिनट तक भोजन में रहेगा और इसके बाद श्मशान में रहेगा। कुम्भ चक्र कण्ठ में रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
