567 साल पुराना है चौथ माता का यह मंदिर, राजा ने देखा था अद्भुत सपना, ऐसे हुआ था मंदिर का निर्माण

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  • Updated Oct 13, 2022, 09:49 AM IST

Karwa Chauth 2022: करवा चौथ के दिन सुहागिन स्त्रियों द्वारा माता का दर्शन करना अहम माना जाता है। चलिए चौथ माता के मंदिर का महत्व और इनसे जुड़े सारे तथ्यों को जान लेते हैं।

Karwa Chauth 2022: देश का सबसे पुराना चौथ माता का मंदिर सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास है। यह लगभग 567 साल पुराना है, जो राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा शहर में है। इस मंदिर की स्थापना राजा भीम सिंह द्वारा 1451 में कराया गया था। वैसे तो वर्षभर यहां हजारों की तादात में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। लेकिन करवा चौथ के दिन सुहागिन स्त्रियों द्वारा माता का दर्शन करना अहम माना जाता है। चलिए चौथ माता के मंदिर का महत्व और इनसे जुड़े सारे तथ्यों को जान लेते हैं।

karwa chauth mandir

चौथ माता का मंदिर 1100 फीट ऊंची है और यहां तक जाने के लिए 700 सीढ़ियों का चढ़ान करना पड़ता है।

करवा चौथ पर दुल्हन सा सजता है माता का दरबार: चौथ माता के मंदिर की भव्यता करवा चौथ के दिन बेहद रोमांचक लगती है। इस दिन मंदिर के परिसर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। ऐसा लगता है जैसे मां के दरबार को सोलह श्रृंगार कर उन्हें तैयार किया गया हो। उसकी सुंदरता देखने लायक होती है।

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