17 October 2024 Panchang: आज तुला संक्रांति का पावन व्रत रहें। सूर्य व गुरु के बीज मंन्त्र का जप करें। भगवान सूर्य जी के आशीर्वाद के लिए व्रत रहेंगे। व्रत व भगवान भास्कर जी की उपासना की जाती है। गुड़ का दान करें। आज व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके यह महान सूर्य व्रत करें। भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है। शिवलिंग पर गंगा जल, मधु, शक्कर व दुग्ध अर्पित करें। जो लोग व्याधि से ग्रसित हैं वे कुशोदक से भगवान शिव का अभिषेक करें। कुशोदक से रुद्राभिषेक करवाएं। श्री आदित्यह्र्दय स्तोत्र का 03 बार पाठ करें। गायत्री मंत्र का जप करें। अब जानिए 17 तारीख का पूरा पंचांग।
17 October 2024 Panchang
17 अक्टूबर 2024 पंचांग (17 October 2024 Panchang)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-आश्विन शुक्ल पक्ष
तिथि- शरद पूर्णिमा 04:55 pm तक फिर प्रतिपदा
दिन- तुला संक्रांति व्रत
सूर्योदय-06:19am
सूर्यास्त-06:01pm
नक्षत्र-- रेवती
चन्द्र राशि -- मीन ,स्वामी ग्रह -गुरु 04:21 pm तक फिर मेष ,स्वामी ग्रह-,मङ्गल
सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध 07:53 am तक फिर तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र
करण-विष्टि
योग- ध्रुव 10 am तक फिर व्याघात
तुला संक्रांति मुहूर्त 2024 (Tula Sankranti Muhurat 2024)
तुला संक्रान्ति पुण्य काल - 06:23 ए एम से 11:41 ए एम
तुला संक्रान्ति महा पुण्य काल - 06:23 ए एम से 09:47 ए एम
17 अक्टूबर 2024 शुभ मुहूर्त (17 October 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत मुहूर्त-11;55 am से 12:30 pm तक
विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:23 pm तक
गोधुली मुहूर्त-06:20pm से 07:25 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:05am तक
अमृत काल-06:08am से 07:40am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41 से 12:20 तक
संध्या पूजन-06:24 pm से 07:08 pm तक
दिशा शूल -साउथ दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त-राहुकाल--दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक
