World Hindi Day 2023: कौन थे कामिल बुल्के ने जिन्होंने हिन्दी को कहा बहूरानी और अंग्रेजी को नौकरानी

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jan 10, 2023, 09:34 AM IST

World Hindi Day 2023: कामिल बुल्के पादरी थे और भारत ईसाई धर्म का प्रचार करने आए थे लेकिन यहां की शैली ने उनकी राम और तुलसी में आस्था जगा दी। उन्होंने यहां आकर हिंदी और संस्कृत सीखी। भारत सरकार द्वारा उन्हें 1974 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

World Hindi Day 2023: आज विश्व हिंदी दिवस है और हर साल 10 जनवरी को यह दिन मनाया जाता है। विश्व में हिन्दी का विकास करने और इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शुरुआत की गई और प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित हुआ। उसके बाद से लगातार 'विश्व हिन्दी दिवस' 10 जनवरी को मनाया जाने लगा। इस अवसर पर हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बता रहे हैं जो था तो विदेशी लेकिन उसने संस्कृत और हिंदी भाषा को महान बताया।

World Hindi Day 2023: कौन थे कामिल बुल्के ने जिन्होंने हिन्दी को कहा बहूरानी और अंग्रेजी को नौकरानी

उसका नाम था कामिल बुल्के। एक सितंबर 1909 को उनका जन्म हुआ था। वह बेल्जियम से भारत आये एक मिशनरी थे। वह पादरी थे और भारत ईसाई धर्म का प्रचार करने आए थे लेकिन यहां की शैली ने उनकी राम और तुलसी में आस्था जगा दी। जब वह भारत आए तो हिंदी, तुलसी और वाल्मीकि के भक्त रहे। वे कहते थे कि संस्कृत महारानी है, हिन्दी बहूरानी और अंग्रेजी को नौकरानी। इन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1974 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। राम के बारे में फादर कामिल बुल्के ने लिखा कि वो वाल्मीकि के कल्पित पात्र नहीं बल्कि एक इतिहास पुरुष थे। उन्होंने बेल्जियम से सिविल इंजीनयरिंग की पढ़ाई की थी, फिर वो ईसाई पादरी बने।

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