महिलाओं के लिए सिर्फ कार्डियो काफी नहीं, हेल्दी रहने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग क्यों है जरूरी

क्या महिलाओं के लिए सिर्फ कार्डियो एक्सरसाइज करना पर्याप्त है? विशेषज्ञों के अनुसार हेल्दी और फिट रहने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी उतनी ही जरूरी है। यह मसल्स मजबूत करती है, हड्डियों की सेहत सुधारती है, हार्मोन बैलेंस में मदद करती है और उम्र बढ़ने के असर को धीमा करती है। जानिए क्यों हर महिला को अपने फिटनेस रूटीन में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर शामिल करनी चाहिए।

अक्सर देखा जाता है कि ज्यादातर महिलाएं फिट रहने के लिए वॉकिंग, जॉगिंग या ज़ुम्बा जैसी कार्डियो एक्सरसाइज को ही प्राथमिकता देती हैं। उन्हें लगता है कि पसीना बहाना ही फिटनेस की निशानी है। लेकिन क्या सिर्फ कार्डियो करना ही काफी है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि नहीं। अगर आप सच में हेल्दी, मजबूत और लंबे समय तक एक्टिव रहना चाहती हैं तो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सिर्फ बॉडी बिल्डिंग के लिए नहीं होती, बल्कि यह मसल्स, हड्डियों, मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। खासकर महिलाओं के लिए, जिनके शरीर में उम्र के साथ कई तरह के बदलाव आते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि क्यों सिर्फ कार्डियो नहीं, बल्कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी आपके फिटनेस रूटीन का अहम हिस्सा होनी चाहिए।

सिर्फ कार्डियो नहीं महिलाओं के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी है जरूरी

सिर्फ कार्डियो नहीं महिलाओं के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी है जरूरी (PC- Istock)

मांसपेशियों का नुकसान

महिलाओं में मांसपेशियों का नुकसान सामान्यत: तीस की उम्र से शुरू होता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, यह प्रक्रिया तेज होती है, विशेषकर मेनोपॉज के बाद। मांसपेशियों की कमी से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इस समस्या का समाधान कर सकती है। वजन उठाने से मांसपेशियों को चुनौती मिलती है, जिससे शरीर नई मांसपेशी ऊतकों का निर्माण करता है।

End of Feed