बच्चे टीचर से डरते क्यों हैं? क्या कहती है क्लासरूम की साइकलॉजी ऑफ ट्र्स्ट

जब क्लासरूम में 'डर की जगह भरोसा' ले लेता है, तो बच्चा सवाल पूछने में झिझकता नहीं है, अपने विचार खुलकर रखता है और उसकी रचनात्मकता निखर कर बाहर आती है।

इस बात में कोई शक नहीं है कि शिक्षक बच्चे के सामाजिक और भावनात्मक विकास की नींव भी रखते हैं। हालांकि देखा ये भी जाता है कि कई बच्चे अपने टीचर्स से बात करने में कतराते हैं या उनसे बेवजह डरते हैं। जब बच्चा क्लासरूम में डर महसूस करता है, तो उसकी सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास पर गहरा असर पड़ता है।

Psychology of trust in classroom

साइकोलॉजी ऑफ ट्रस्ट इन क्लासरूम (Photo: iStock)

चाइल्ड साइकोलॉजी में इस कंडीशन को 'क्लासरूम की साइकोलॉजी ऑफ ट्रस्ट' (Psychology of Trust in Classroom) के ज़रिए समझा जा सकता है। आइए जानते हैं कि बच्चे शिक्षकों से क्यों डरते हैं और यह डर कैसे भरोसे में बदल सकता है।

End of Feed