आज का युवा बाहर से जितना आत्मविश्वासी दिखता है, अंदर से उतना ही दबाव और चिंता झेल रहा है। हाल ही में जारी Global Mental Health Index में भारत के युवाओं को 60वीं रैंक मिली है। यह रैंकिंग बताती है कि मानसिक सेहत के मामले में हमारी स्थिति चिंताजनक है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या वजह है कि देश की युवा आबादी तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन से जूझ रही है? आइए समझते हैं इस रिपोर्ट के अहम बिंदु।
भारतीय युवा क्यों हो रहे मानसिक रूप से कमजोर (Istock)
