What is Roommate Syndrome: प्यार और विश्वास किसी भी शादीशुदा कपल के लिए सबसे जरूरी बात है। ऐसा नहीं है कि पति पत्नी के बीच झगड़े नहीं होते। झगड़े भी प्यार को बढ़ाते हैं। लेकिन जितनी जल्दी हो सके इन झगड़ों को खत्म कर लेना चाहिए। शादीशुदा जिंदगी में जब दो लोग प्रवेश करते हैं तो उनकी पूरी कोशिश रहती है कि वह एक दूसरे के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन पार्टनर बनें। लेकिन जाने अनजाने में हम कुछ ऐसा कर जाते हैं कि यह रिश्ता अंदर से खोखला होने लगता है। नौबत यहां तक आ जाती है कि एक छत के नीचे रहते हुए भी कपल्स साथ नहीं होते। वो एक-दूसरे से बात नहीं करते हैं या फिर उनके बीच इमोशनल अटैचमेंट भी कम हो जाता है। शादी के बाद इस तरह के रिलेशनशिप रूममेट सिंड्रोम के लक्षण है। यह सिंड्रोम शादीशुदा लोगों की जिंदगी को नर्क बना रहा है।
Roommate Syndrome in arelationship
क्या होता है रूममेट सिंड्रोम (Signs of roommate syndrome)
आसान शब्दों में समझें तो अगर पति-पत्नी या फिर किसी कपल के रिश्ते में प्यार और भावनात्मक लगाव खत्म हो जाए। उनके बीच शारीरिक संबंध बनना भी कम या खत्म हो जाए। लेकिन सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और निजी कारणों से लोग भावनात्मक दूरी के बावजूद रिश्ता खत्म करने की दिशा में नहीं बढ़ते। ऐसे में वे एक छत के नीचे रहें, साथ में खाएं-पिएं, काम, खर्च और घर की जिम्मेदारियां भी आधी-आधी बांट लें, बाहर से दिखने पर पार्टनर्स की तरह नजर भी आएं, लेकिन उनके रिश्ते में प्यार नदारद हो। दोनों रिश्ते को बोझ की तरह ढोने लगें तो उसे रूममेट सिंड्रोम से ग्रसित कहा जाता है।
रूममेट सिंड्रोम के कारण (Causes of Roommate Syndrome)
रिलेशनशिप में रूममेट सिंड्रोम के पनपने के के कई कारण है जिसमें सबसे बड़ी वजह बिजी लाइफ है। जब रिश्ता नया होता है तो पार्टनर करीब रहते हैं और टाइम देते हैं। पर धीरे-धीरे चीजें बदलने लगती हैं। आज के भागदौड़ भरी लाइफ स्टाइल में रिश्ते से प्यार और साथ कम होता जा रहा है:
सेक्शुअल रिलेशनशिप का कम या खत्म हो जाना:
अगर कपल्स के बीच इंटिमेसी की कमी हो गई है ये फिर दोनों में से कोई भी सेक्शुअल रिलेशनशिप के लिए पहल नहीं करता है तो यह धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरी बढ़ाने लगता है। क्योंकि रिश्ते में इमोशनल अटैचमेंट के लिए इंटिमेसी बहुत जरूरी होती है।
एक दूसरे से कम बात करना:
अगर पार्टनर्स एक दूसरे से कम बात करते हैं या फिर अपने ही काम में मशगूल रहते हैं तो यह भी आपको रूममेट सिंड्रोम का शिकार बना सकता है। जब काम या किसी दूसरी चीज को तरजीह देने के चक्कर में अकसर ये होता है कि कपल्स एक दूसरे को जाने-अनजाने में इग्नोर करने लगते हैं। धीरे-धीरे यह दोनों के बीच दूरियों को बहुत बढ़ा देता है।
इन कारणों के अलावा और भी कई चीजें हैं जो रिश्ते को खोखला कर रही है। जैसे कि पार्टनर्स के बीच गलतफहमी पैदा होना। एक का दूसरे पर से भरोसा उठ जाना या शक करना। इनफिडिलिटी यानी किसी एक पार्टनर का रिश्ते से बाहर किसी और से भावनात्मक जुड़ाव हो जाना। झगड़े से बचने के लिए एक-दूसरे को अवॉइड करना। असहमति के मुद्दों पर बात करने से कतराना। बता दें कि रूममेट सिंड्रोम का असर रिश्ते पर जीवन भर रह सकता है, लेकिन इसकी शुरुआत के लिए बस एक छोटे से इग्नोरेंस की जरूरत होती है।
रूममेट सिंड्रोम से उबरने के उपाय (How to get rid of from Roommate Syndrome)
किसी भी समस्या का हल तभी निकल सकता है जब आप ये मानने को तैयार हों कि सच में परेशानी है। जो कपल रूममेट सिंड्रोम की चपेट में है वह आपस में स्वीकार करें कि उनके साथ दिक्कत है। इस सिंड्रोम से बाहर निकलने के कई तरीके हैं। कपल्स को मिलकर इससे उबरना होगा। आइए डालते हैं रूममेट सिंड्रोम की चपेट से बाहर निकलने के उपाय
कम्युनिकेशन गैप को कम करें:
सबसे पहले तो आप अपने पार्टनर के साथ रेगुलर कम्युनिकेट करें। हर मुद्दे पर उनसे बात करें। अगर आपको उनकी कोई बात अच्छी लग रही है तो बताएं और बुरी लग रही है तब भी उसपर डिस्कस करें। क्योंकि मन की बात बाहर लाना और इससे सुनना एक कारगर थेरेपी है। जब आप अपने पार्टनर से रेगुलर संवाद करते हैं तो गलतफहमियां भी दूर हो जाती हैं।
फिजिकल इंटिमेसी बढ़ाएं:
रोमांटिक और वैवाहिक रिश्ते में सेक्शुअल रिलेशन का भी अपना महत्व है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। यह किसी भी रोमांटिक रिश्ते की जान होता है। इसलिए जरूरी है कि आप पार्टनर के साथ इंटिमेसी को बढ़ाएं। सेक्शुअल रिलेशनशिप के लिए अगर सामने वाला पहल नहीं कर रहा है तो आप खुद करें।
जिम्मेदारियों के साथ प्यार भी बांटें:
आपको यह जरूर समझना पड़ेगा कि मैरिड लाइफ या फिर रोमांटिक रिलेशनशिप कोई बिजनेस या एग्रीमेंट नहीं, जिसमें एक निश्चित टारगेट को पूरा करना है। यह एक ऐसा पौधा है जिसे रोज सींचना पड़ता है। इसलिए खर्च, काम और जिम्मेदारी के साथ प्यार, स्नेह और दुलार भी बांटें।
पार्टनर को सरप्राइज दें:
धुंधले पड़ रहे रिश्ते की मिठास को वापस लाने के लिए आप सरप्राइज का सहारा भी ले सकते हैं। आप अपने पार्टनर की किसी पसंदीदा जगह पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। उनके पसंद की कोई चीज उन्हें गिफ्ट कर सकते हैं। हमेशा यह ध्यान रखें कि कुछ ना कुछ नया करते रहना ही रिश्तों की उदासीनता को खत्म करता है।
अगर आपको लगे कि आपकी हर कोशिश के बावजूद भी चीजें उस तरह से ठीक नहीं हो रही हैं जैसा आप चाहते या चाहती हैं तो आपको किसी विशेषज्ञ की मदद लेनी होगी। मदद से पहले आपके अपना रिलेशनशिप ऑडिट करना होगा। यह ठीक उसी तरह से होता है जैसे घाटे में चल रही कोई कंपनी अपने बही खातों का ऑडिट करके समझती है कि आखिर दिक्कत कहां पर ज्यादा है। तमाम रिलेशनशिप कोच और मैरिज एक्सपर्ट्स हैं जो इस काम में आपकी मदद कर सकते हैं।
..और अंत में
रूममेट सिंड्रोम एक ऐसा वायरस है जो आपकी गलतियों के कारण ही पनपता है और रिश्ते को पूरी तरह से खोखला कर देता है। इसलिए हमेशा याद रखें कि किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए उस पर मेहनत करनी होती है। उसे वक्त, प्यार, विश्वास और साथ के घोल से सींचना पड़ता है। अगर हम रिश्तों को टेकेन फॉर ग्रांटेड लेंगे तो उसका निर्जीव हो जाना लाजमी है।
