Lawnmower Parenting: आज के आधुनिक दौर में पेरेंटिंग के कई नए तरीके देखने को मिल रहे हैं, जिनमें से एक तेजी से उभरता ट्रेंड लॉनमोवर पेरेंटिंग है। लॉनमोवर कहते हैं घास काटने की मशीन को। जिस तरह लॉनमोवर रास्ते में आने वाली हर रुकावट और घास को काटकर समतल कर देती है, ठीक उसी तरह लॉनमोवर पेरेंट्स अपने बच्चों के जीवन में आने वाली हर छोटी-बड़ी मुश्किल, असफलता या संघर्ष को उनके पहुंचने से पहले ही खुद खत्म कर देते हैं।
कैसे होती है लॉनमॉवर पेरेंटिंग (Photo: iStock)
वैसे तो माता-पिता यह सब बच्चों के प्रति अपने अत्यधिक प्यार और चिंता के कारण करते हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिकों के अनुसार यह आदत बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास को बुरी तरह प्रभावित करती है। यहां देखें लॉनमोवर पेरेंट्स की 5 आदतें जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधक बनती है:
हर समस्या को खुद हल करने की होड़
लॉनमोवर पेरेंट्स बच्चे को कभी भी खुद किसी समस्या का सामना नहीं करने देते। चाहे स्कूल का होमवर्क भूल जाना हो या दोस्तों के साथ छोटा-मोटा झगड़ा, माता-पिता तुरंत बीच में आकर स्थिति संभाल लेते हैं। इससे बच्चे में स्वयं निर्णय लेने और समस्या सुलझाने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती।
असफलता और निराशा से अत्यधिक बचाना
ऐसे माता-पिता अपने बच्चे को किसी भी कीमत पर उदास या निराश नहीं देख सकते। वे बच्चे को हार का सामना करने से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इसका नुकसान यह होता है कि बड़े होने पर जब बच्चे को जीवन में वास्तविक असफलताओं का सामना करना पड़ता है, तो वे मानसिक रूप से टूट जाते हैं और उनमें सहनशीलता की कमी पाई जाती है।
बच्चों के लिए सारे फैसले खुद लेना
बच्चे को क्या पहनना है, कौन से खेल खेलने हैं या किससे दोस्ती करनी है- इन सब मामलों में लॉनमोवर पेरेंट्स अपनी पसंद थोपते हैं। बच्चे की राय को नजरंदाज करने या उसे चुनने का मौका न देने से उसके अंदर आत्मविश्वास की भारी कमी हो जाती है और वह हमेशा दूसरों पर निर्भर रहने लगता है।
जवाबदेही से बच्चे का बचाव करना
यदि बच्चा कोई गलती करता है, तो लॉनमोवर पेरेंट्स उसकी जिम्मेदारी बच्चे पर डालने के बजाय शिक्षकों, परिस्थितियों या अन्य लोगों पर दोष मढ़ देते हैं। इस आदत के कारण बच्चा अपनी गलतियों से सीखना बंद कर देता है और उसमें अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकार करने की भावना विकसित नहीं होती।
बच्चे के कम्फर्ट जोन को बनाए रखना
ये पेरेंट्स बच्चे को कभी भी असहज या नए वातावरण में डालने का जोखिम नहीं लेते। बच्चे के लिए हर चीज इतनी आसान बना दी जाती है कि वह अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकल ही नहीं पाता, जिससे उसमें नई चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस खत्म हो जाता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
बच्चों की देखभाल करना और उनसे प्यार करना हर माता-पिता का कर्तव्य है, लेकिन उनके रास्ते के हर कांटे को खुद हटाना उनके भविष्य के लिए हानिकारक है। बच्चों को एक मजबूत, जिम्मेदार और स्वतंत्र इंसान बनाने के लिए जरूरी है कि उन्हें छोटी-छोटी असफलताओं का सामना करने दिया जाए। माता-पिता को लॉनमोवर बनने के बजाय एक मार्गदर्शक बनना चाहिए जो बच्चे को गिरने पर संभाले, न कि उसे गिरने से रोकने के लिए उसकी आजादी ही छीन ले।
