Vande Mataram Lyrics in Hindi (वन्दे मातरम् का अर्थ इन हिंदी): भारत मां की वंदना और महिमा का बखान राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् में बखूबी जानने को मिलता है। गणतंत्र दिवस हो या स्वतंत्रता दिवस - ऐसे मौकों पर देशभक्ति दिखाने और जगाने के लिए आप ये गीत प्रस्तुत कर सकते हैं या शुभकामना संदेश में भी भेज सकते हैं। यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं वन्दे मातरम् के शब्द लिखित में और साथ ही आप इनका अर्थ हिंदी में भी जान सकते हैं। राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था और इसे पहली बार गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गाया था। जैसे जैसे आप इसके गूढ़ भाव को जानेंगे, वैसे वैसे भारत मां को लेकर आपके मन में श्रद्धा और बढ़ती जाएगी। यहां देखें वन्दे मातरम सुजलाम सुफलाम गीत के Lyrics, बोल और वन्दे मातरम सुजलाम सुफलाम गीत का अर्थ।
Vande Mataram Lyrics in Hindi Written (वन्दे मातरम् हिंदी लिरिक्स)
वन्दे मातरम्।
सुजलाम् सुफलाम् मलय़जशीतलाम्,
शस्यश्यामलाम् मातरम्। वन्दे मातरम्।। 1।।
शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम् मातरम्। वन्दे मातरम्।। 2।।
कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले,
कोटि-कोटि भुजैर्धृत खरकरवाले,
के बॉले माँ तुमि अबले,
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणीं मातरम्। वन्दे मातरम्।। 3।।
तुमि विद्या तुमि धर्म,
तुमि हृदि तुमि मर्म,
त्वम् हि प्राणाः शरीरे,
बाहुते तुमि माँ शक्ति,
हृदय़े तुमि माँ भक्ति,
तोमारेई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे-मन्दिरे। वन्दे मातरम् ।। 4।।
त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्,
नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्,
सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम्।। 5।।
श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम्,
धरणीम् भरणीम् मातरम्। वन्दे मातरम्।। 6।।
Vande Mataram Lyrics Meaning in Hindi (वन्दे मातरम सुजलाम सुफलाम गीत का अर्थ)
हे मां, तुम्हें मेरा प्रणाम है। मां तुम पानी से भरी हुई हो, फलों से भरी हुई हो। हे मां तुम्हें मलय से आती हुई हवा शीतलता प्रदान करती है। हे मां तुम फसल से ढकी रहती हो। हे मां, तुम्हें मेरा प्रणाम है। ।।1।।
वो जिसकी रात्रि को चांद की रोशनी शोभायमान करती है, वो जिसकी भूमि खिले हुए फूलों से सुसज्जित पेड़ों से ढकी हुई है। सदैव हंसने वाली, मधुर भाषा बोलने वाली , सुख देने वाली, वरदान देने वाली मां तुम्हें मेरा प्रणाम है। ।।2।।
करोड़ों कंठ मधुर वाणी में तुम्हारी प्रशंसा कर रहे हैं। करोड़ों हाथों में तेरी रक्षा के लिए धारदार तलवारें निकली हुई हैं। मां कौन कहता है कि तुम अबला हो। तुम बल धारण की हुई हो। तुम तारने वाली हो। मां तुम शत्रुओं को समाप्त करने वाली हो। मां तुम्हें मेरा प्रणाम है। ।।3।।
तुम ही विद्या हो, तुम ही धर्म हो। तुम ही हृदय, तुम ही तत्व हो। तुम ही शरीर में स्थित प्राण हो। हमारी बांहों में जो शक्ति है वो तुम ही हो। हृदय में जो भक्ति है वो तुम ही हो। तुम्हारी ही प्रतिमा हर मन्दिर में गड़ी हुई है। मां तुम्हें मेरा प्रणाम है। ।।4।।
तुम ही दस अस्त्र धारण की हुई दुर्गा हो। तुम ही कमल पर आसीन लक्ष्मी हो। तुम वाणी एवं विद्या देने वाली (सरस्वती ) हो, तुम्हें प्रणाम है। तुम धन देने वाली हो, तुम अति पवित्र हो, तुम्हारी कोई तुलना नहीं हो सकती है, तुम जल देने वाली हो, तुम फल देने वाली हो। मां तुम्हें मेरा प्रणाम है। ।।5।।
हे मां तुम श्यामवर्ण वाली,अति सरल,सदैव हंसने वाली हो। तुम धारण करने वाली,पालन-पोषण करने वाली हो। मां तुम्हें मेरा प्रणाम है। ।।6।।
जय हिंद।
