कपूरथला की उस महारानी के लिए प्यार बन गया काल, कुतुब मीनार से कूदकर दे दी थी जान

यूजिनी साल 1938 में अपनी मां और एक गवर्नेस के साथ पेरिस और लंदन होते हुए भारत आ गईं। 1942 में सिख रीति-रिवाज से शादी की। शादी के बाद यूजिनी को नया नाम मिला - महारानी तारा देवी।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक, पुराने राजमहलों की चारदीवारी के बीच बहुत सी मशहूर प्रेम कहानियां कैद हैं। आज हम आज हम शाही इश्क की जो दास्तान बता रहे हैं वो है चेक रिपब्लिक की एक खूबसूरत एक्ट्रेस यूजिनी मैरी ग्रोसुपोवा की, जो प्यार की खातिर सात समंदर पार कर भारत आईं और कपूरथला की 'महारानी तारा देवी' बनीं।

Tara Devi and ranjit singh

महारानी तारा देवी और महाराज रंजीत सिंह की प्रेम कहानी

जब 63 साल के महाराजा को हुआ 22 साल की एक्ट्रेस से प्यार

कहानी शुरू होती है साल 1936 में। कपूरथला के महाराजा जगजीत सिंह उस वक्त 63 साल के थे। वे पहले ही पांच शादियां कर चुके थे और अपनी स्पैनिश पत्नी अनीता डेलगाडो से तलाक के आठ साल बाद अकेले थे।

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