आज की शायरी: इश्क, समाज और आत्मसम्मान के टकराव को बयां करता है यह शेर

Aaj ki Shayari (आज की शायरी): मौलाना मोहम्मद अली जौहर का यह शेर इश्क की उस अवस्था को दर्शाता है जहां प्रेमी की दीवानगी ही प्रेमिका की इज्जत की रक्षा करने लगती है। यह इश्क की इंतिहा है, जहां खुद को खो देना भी किसी और को बचाने का जरिया बन जाता है।

Shayari of the day (आज की शायरी): आज की शायरी में शामिल है मौलाना मोहम्मद अली जौहर का एक मशहूर शेर। मौलाना मोहम्मद अली जौहर उर्दू के उन मुक्कम शायरों में से एक रहे जो बेहद बेबाकी और साफगोई अपनी बातें लोगों तक पहुंचा देते थे। उनके शब्दों में ऐसा जादू था कि पढ़ने वालो को लगता कि ये शेर उन्ही के लिए लिखा गया है। आज हम जिस शेर की बात करने जा रहे हैं वह इश्क, समाज और आत्मसम्मान के टकराव को बेहद गहराई से बयां करता है। यह शेर कुछ इस तरह से है:

Aaj ki Shayari

आज की शायरी (Aaj ki Shayari)

"सारी दुनिया ये समझती है कि सौदाई है

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