Sudha Murthy Motivational in Hindi: सुधा मूर्ति का जन्म 19 अगस्त 1950 को कर्नाटक के शिगगांव में हुआ था। उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान में एम.टेक किया है और भारत की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता कंपनी TATA इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी (TELCO) में नियुक्त होने वाली पहली महिला इंजीनियर थीं। वह इंफोसिस के सह-संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति की पत्नी हैं। सुधा मूर्ति कन्नड़ और अंग्रेजी दोनों भाषाओं की जानी मानी लेखिका हैं। उन्होंने उपन्यास, गैर-फिक्शनसमेत कई किताबें लिखी हैं। उनकी कुछ फेमस किताबों में "वाइज़ एंड अदरवाइज़" (Wise and Otherwise), "हाउ आई टॉट माई ग्रैंडमदर टू रीड" (How I Taught My Grandmother to Read), "थ्री थाउजेंड स्टिचेस" (Three Thousand Stitches), और "डॉलर बहू" (Dollar Bahu) शामिल हैं। सुधा मूर्ति लेखिका होने के साथ साथ एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। वो अपनी बातों से अक्सर लोगों को मोटिवेट करने का काम करती हैं। ऐसे में यहां हम उनके कुछ अनमोल विचार लेकर आए हैं जो आपको मोटिवेट करने का काम करेंगे।
Sudha Murthy Motivational in Hindi - सुधा मूर्ति के प्रेरक विचार
Sudha Murthy Motivational in Hindi
1. फेल होने से कभी नहीं डरें, हारना या फेल होना सीखने और आगे बढ़ने का ही हिस्सा है। जितना ज्यादा आप फेल होंगे, उतना ज्यादा अपनी गलतियों से सीखेंगे और बेहतर बनेंगे।
2. खुद पर और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करें। अगर आप खुद पर भरोसा नहीं करेंगे तो कोई आप पर भरोसा नहीं करेगा। अपने आप पर विश्वास बनाए रखें और अपनी गोल अचीव करने की क्षमता पर भी पूरा यकीन रखें।
3. जीवन एक एग्जाम है, इसका सिलेबस हम नहीं जानते और यहां क्वेश्चन पेपर भी सेट नहीं होता है। यहां मॉडल पेपर्स भी नहीं होते।
4. कभी भी सीखना बंद ना करें। ये दुनिया लगातर बदल रही है और उभर रही है। ऐसे में ताजा जानकारियों और ट्रेंड्स से अप-टू-डेट रहना आपकी ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है। जितना ज्यादा आप सीखेंगे, उतना ही भविष्य में सफलता पाने के लिए तैयार होंगे।
5. किसी दूसरे से अपनी तुलना ना करें। हर किसी का अपना सफर होता है और हर किसी में खास टैलेंट और क्षमताएं होती हैं। आपको केवल अपने खुद के सफर पर फोकस करना चाहिए और दूसरे क्या कर रहे हैं, इस पर कतई ध्यान नहीं देना चाहिए।
6. भविष्य को प्रिडिक्ट करने का सबसे बढ़िया तरीका है उसे क्रिएट करना।
6. कभी भी अपने ड्रीम्स को न छोड़ें। इस बात की फिक्र न करें कि वे कितने मुश्किल हैं या आप उन्हें पाना असंभव है। अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं और कभी हार नहीं मानते तो एक न एक दिन उन्हें जरूर हासिल कर लेंगे।
7. एक्शन के बिना विजन मात्र एक स्वप्न है, वहीं विजन के बिना एक्शन केवल टाइम पास है। हालांकि विजन और एक्शन अगर एक साथ आ जाएं तो दुनिया बदल सकते हैं।
8. अपने और दूसरों के प्रति काइंड रहें। इस दुनिया को काइंडनेस और कंपैसन की बहुत जरूरत है। इस संसार में आप एक ऐसी शक्ति बनें जो दूसरे के जीवन में बदलाव लाने में मदद करे।
