Somnath Temple: दिन में 3 बार क्यों बदलता है सोमनाथ मंदिर का ध्वज, सदियों पुरानी है परंपरा

Somnath Temple Flag: रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर पहुंचते हैं। ध्वज बदलने की इस सदियों पुरानी परंपरा को पूरे भक्ति भाव से देखते हैं। ध्वज बदलते समय मंदिर में विशेष भजन-कीर्तन होता है।

Somnath Temple: सोमनाथ मंदिर, भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख माना जाता है। यह मंदिर हिंदू आस्था का केंद्र होने के साथ ही एक जीवंत इतिहास और परंपरा का प्रतीक भी है। गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित इस मंदिर को हजार साल पहले 1026 में महमूद गजनवी ने तोड़ा था। दर्जनों बा र हमले के बाद भी भोलेनाथ का यह मंदिर पूरी विशालता के साथ खड़ा है। इस दो मंजिला भव्य मंदिर की ऊंचाई 155 फीट है। मंदिर के शिखर पर 11 मीटर का ध्वजदंढ लगा है। इसपर भगवा रंग की पताका फहराई जाती है। इस ध्वज पर भगवान शंकर का त्रिशूल और नंदी बैल अंकित हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह ध्वज दिन में तीन बार बदला जाता है। ध्वज बदलने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस परंपरा के पीछे कई धार्मिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक कारण हैं:

Somnath Temple

दिन में तीन बार क्यों बदलता है सोमनाथ मंदिर के शिखर पर लगा ध्वज (Photos: iStock)

कब-कब बदलते हैं ध्वज

सोमनाथ मंदिर का ध्वज दिन में तीन बार सुबह, दोपहर और शाम, को बदला जाता है। यह बदलाव सूर्य की स्थिति के हिसाब से होता है। सुबह सूर्योदय के समय नया ध्वज फहराया जाता है। दोपहर 12 बजे इसे बदला जाता है और फिर शाम को सूर्यास्त के वक्त इसे तीसरी बार बदला जाता है। यह तीनों समय सूर्य के तीन प्रमुख चरण को उदय, मध्य और अस्त को दर्शाते हैं।

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