Sitara Shayari in Hindi: रात के सन्नाटे में जब आसमान काली मखमली चादर ओढ़ लेता है, तो उस पर टिमटिमाते सितारे जैसे मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। हर सितारा मानो किसी के सपनों की, किसी की उम्मीद की कोई कहानी कहता है। बचपन में हम सबने उन्हें गिनने की कोशिश की होगी। पर वो कभी गिने नहीं जा सके होंगे। शायद इसलिए कि सपनों की तरह, सितारे भी अनगिनत होते हैं। कवि और प्रेमी दोनों ही सितारों में अपने दिल की बातें खोज लेते हैं। कोई उन्हें जुदाई की निशानी मानता है, तो कोई सच्चे प्यार का। इन्हीं सितारों पर बहुत से शायरों ने कई खूबसूरत शेर लिखे हैं। आइए पढ़ें सितारों पर शायरी:
सितारों पर शायरी (Photo: Pexels)
Sitara Shayari
1. बच्चों के छोटे हाथों को चांद सितारे छूने दो
चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएंगे
- निदा फ़ाज़ली
2. तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फ़लक
मुझ को अपनी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी
- मुनव्वर राना
3. फ़लक पे चांद सितारे निकलते हैं हर शब
सितम यही है निकलता नहीं हमारा चांद
- पंडित जवाहर नाथ साक़ी
4. सूरज सितारे चांद मिरे साथ में रहे
जब तक तुम्हारे हाथ मिरे हाथ में रहे
- राहत इंदौरी
Star Shayari in Hindi
5. हम तो रात का मतलब समझें ख़्वाब, सितारे, चांद, चराग़
आगे का अहवाल वो जाने जिस ने रात गुज़ारी हो
- इरफ़ान सिद्दीक़ी
6. मैं तकिए पर सितारे बो रहा हूं
जनम-दिन है अकेला रो रहा हूं
- ऐतबार साजिद
7. आंखों से मोहब्बत के इशारे निकल आए
बरसात के मौसम में सितारे निकल आए
- मंसूर उस्मानी
8. आज की रात भी गुज़री है मिरी कल की तरह
हाथ आए न सितारे तिरे आँचल की तरह
- अमीर क़ज़लबाश
9. बड़े ताबां बड़े रौशन सितारे टूट जाते हैं
सहर की राह तकना ता सहर आसाँ नहीं होता
-अदा जाफ़री
10. रात है चांद है सितारे हैं
बे-सहारों के सौ सहारे हैं
- पंडित विद्या रतन आसी
11. वो चार चांद फ़लक को लगा चला हूं 'क़मर'
कि मेरे बा'द सितारे कहेंगे अफ़्साने
- क़मर जलालवी
12. सब सितारे दिलासा देते हैं
चांद रातों को चीख़ता है बहुत
- आलोक मिश्रा
13. गुज़रें जो मेरे घर से तो रुक जाएं सितारे
इस तरह मिरी रात को चमकाओ किसी दिन
- अमजद इस्लाम अमजद
14. पलकों के सितारे भी उड़ा ले गई 'अनवर'
वो दर्द की आंधी की सर-ए-शाम चली थी
- अनवर मसूद
15. तू इतनी दिल-ज़दा तो न थी ऐ शब-ए-फ़िराक़
आ तेरे रास्ते में सितारे लुटाएँ हम
- अहमद फ़राज़
16. अश्क अगर सब ने लिखे मैं ने सितारे लिक्खे
आजिज़ी सब ने लिखी मैं ने इबादत लिक्खा
- अज़्म बहज़ाद
17. ये शफ़क़ चांद सितारे नहीं अच्छे लगते
तुम नहीं हो तो नज़ारे नहीं अच्छे लगते
- इन्दिरा वर्मा
18. कुछ सितारे मिरी पलकों पे चमकते हैं अभी
कुछ सितारे मिरे सीने में समाए हुए हैं
- अरशद अब्दुल हमीद
19. वो चांद टूट गया जिस से रात रौशन थी
चमक रहे थे फ़लक पर जो सब सितारे गए
- सलीम फ़िगार
20. तमाम उम्र सितारे तलाश करता फिरा
पलट के देखा तो महताब मेरे सामने था
- सलीम कौसर
सितारों पर लिखे इन शेरों से आप अपने टाइमलाइन की शोभा भी बढ़ा सकते हैं। आप इन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर करें और फिर देखें लोगों की कैसी प्रतिक्रियाएं आती हैं।
