शादी से भागती नई जनरेशन! आखिर युवाओं में क्यों बढ़ रहा है ‘सेट्लिंग डाउन फोबिया’

Settling Down Phobia : भारतीय समाज में जहां शादी करना और घर बसाना एक जरूरी कदम माना जाता है। वहीं आज Gen-Z और मिलेनियल्स जनरेशन में 'सेटल डाउन फोबिया' यानी जीवन-साथी, शादी या स्थायी जिम्मेदारियों के प्रति डर बढ़ता जा रहा है। आइए जानते हैं युवाओं में क्यों बढ़ रही ये समस्या?

Settling Down Phobia : आज की युवा पीढ़ी खासकर Gen-Z समाज की पारंपरिक धाराओं से हटकर अपनी जिंदगी को नए ढंग से जीना चाहती है। लेकिन भारतीय समाज में लोगों के शादी को जीवन का एक अहम काम देखा जाता है। शादी करना और अपना घर बसा लेना एक जरूरी कदम है, जिसे लोग सेटल होना बोलते हैं। लेकिन आज युवाओं में सेटल होने का मतलब सिर्फ शादी करने तक सीमित नहीं है। बल्कि शादी के बाद करियर और आजादी के बीच संतुलन बनाना भी उतना ही जरूरी है। यही कारण है कि युवाओं के बीच 'सेटल डाउन फोबिया' यानी स्थायी रिश्तों, शादी या जिंदगी में एक ड्राइव करने-वाले निर्णय लेने से डर काफी आम होता जा रहा है। आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

Settling Down Phobia

क्यों बढ़ रहा सेटल डाउन फोबिया?

आज की युवा पीढ़ी खासकर जनरेशन Z समाज की पारंपरिक धाराओं से हटकर अपनी जिंदगी को नए ढंग से जीना चाहती है। “सेटल डाउन फोबिया” यानी स्थायी रिश्तों, शादी या ज़िंदगी में एक ड्राइव करने वाले निर्णय लेने से डरना, अब केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक व्यवहार एक बड़ा रूप बन गया है। आइए जानते हैं इसके कुछ मुख्य कारण...

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