फैशन की दुनिया में ट्रेंड हर कुछ महीनों में बदल जाते हैं। कभी सीक्विन, कभी शिमर तो कभी फ्यूजन आउटफिट्स चर्चा में रहते हैं। लेकिन कुछ कपड़े ऐसे होते हैं जो समय के साथ पुराने नहीं, बल्कि और ज्यादा खास बन जाते हैं। कांजीवरम साड़ी उन्हीं में से एक है। हाल ही में साई पल्लवी ने गोल्डन और पर्पल बॉर्डर वाली पारंपरिक कांजीवरम साड़ी पहनकर साबित कर दिया कि सादगी भी सबसे बड़ी स्टाइल हो सकती है।
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बिना भारी मेकअप, बिना ओवरस्टाइलिंग और सिर्फ पारंपरिक ज्वेलरी के साथ उनका लुक बेहद शालीन और रॉयल नजर आया। यही कांजीवरम की सबसे बड़ी खूबी है, यह पहनने वाले की पहचान नहीं छुपाती, बल्कि उसकी नैचुरल खूबसूरती को और निखार देती है। अगर आप भी ऐसी साड़ी खरीदने की सोच रहे हैं जो सालों तक फैशन में रहे, तो कांजीवरम एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
दिल्ली में हुए एक हालिया इवेंट के लिए साई पल्लवी ने गोल्डन रंग की कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनी थी। जिसके साथ गहरा बैंगनी (पर्पल) बॉर्डर बहुत ही क्लासिक कंट्रास्ट लुक दे रहा है। उन्होंने साड़ी को बिल्कुल पारंपरिक अंदाज में ड्रेप किया है। छोटी गोल बिंदी, हल्का मेकअप, वेवी हेयरस्टाइल, गोल्ड चोकर, झुमके और चूड़ियां उनके पूरे लुक को बैलेंस कर रहा है। इस लुक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें साड़ी सबसे ज्यादा उभरकर दिखाई देती है।
तमिलनाडु की शान
कांजीवरम साड़ी तमिलनाडु के कांचीपुरम शहर की पहचान मानी जाती है। माना जाता है कि इसकी बुनाई की परंपरा करीब 400 साल पुरानी है। इन साड़ियों को रेशम के मजबूत धागों और चौड़े सुनहरे बॉर्डर के लिए जाना जाता है। पहले इन्हें खास तौर पर मंदिरों, राजघरानों और बड़े धार्मिक अवसरों के लिए बुना जाता था। आज भी शादी, त्योहार और पारिवारिक समारोहों में कांजीवरम साड़ी सबसे पसंदीदा पारंपरिक परिधानों में गिनी जाती है।
क्यों अलग होती है कांजीवरम साड़ी?
हर सिल्क साड़ी कांजीवरम नहीं होती। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका भारी रेशमी कपड़ा, चौड़ा बॉर्डर, अलग से बुना हुआ पल्लू और पारंपरिक डिजाइन हैं। कई कांजीवरम साड़ियों में मंदिर, मोर, आम, फूल और ज्यामितीय आकृतियों से प्रेरित डिजाइन देखने को मिलते हैं। अच्छी गुणवत्ता वाली कांजीवरम साड़ी वर्षों तक संभालकर रखी जा सकती है और अक्सर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचती है।
आज के समय में कैसे करें स्टाइल?
कांजीवरम साड़ी को सिर्फ शादी तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है।
- एल्बो स्लीव्स या बोट नेक ब्लाउज चुनें।
- मंदिर शैली की गोल्ड ज्वेलरी या मोती के गहने पहनें।
- गजरा, बन या सॉफ्ट कर्ल्स हेयरस्टाइल के साथ लुक पूरा करें।
- हल्का मेकअप और छोटी बिंदी इस साड़ी के साथ सबसे ज्यादा जंचती है।
- पोटली बैग या सिल्क क्लच जोड़कर लुक को और क्लासी बनाया जा सकता है।
इस तरह की रॉयल साड़ियां कभी भी आउट ऑफ फैशन नहीं होती और हर उम्र की महिलाओं पर खूबसूरत लगती है। यही वजह है कि कई परिवारों में कांजीवरम साड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि यादों और विरासत का हिस्सा मानी जाती है।
