Royal Rasoi: कस्तूरी तेल से मसाज और खाने को केसर, अकबर की थाली में जाने से पहले यूं होती थी मुर्गों की खातिरदारी

Royal Rasoi (रॉयल रसोई): रॉयल रसोई में हम आपके लिए इतिहास के पन्ने पलटेंगे और ले चलेंगे मुगलों की शाही रसोई के अंदर। साथ ही बताएंगे मुगलिया दस्तरखान के रोचक किस्से।

Royal Rasoi (रॉयल रसोई): भारत में मुगलों ने करीब 3 दशक तक राज किया। मुगल अपनी शान-ओ-शौकत से भारतीय राजाओं को भरपूर टक्कर देते थे। बात उनके खानपान की करें तो यह भारतीय पाक शैली से काफी अलग और रोचक था। रॉयल रसोई नाम की इस श्रृंखला में हम आपको मुगलों के दस्तरखान के ऐसे अनसुने और अविश्वसनीय किस्सों से रूबरू करवाएंगे कि आपको यकीन ही नहीं होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि मुर्गे को पकाने से पहले महंगे तेल से उसका मसाज किया जाता हो? जी हां, अकबर के लिए जो मुर्गा पकता था मसाज के साथ ही केसर के दाने भी दिये जाते थे।

Royal Rasoi

अकबर के लिए मुर्गों की होती थी खास खातिरदारी (AI Image)

खाने-पीने का शौकीन था अकबर

इतिहासकारों की मानें तो मुगल बादशाह अकबर खाने-पीने का बड़ा शौकीन था। उसके शौक का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसकी खिचड़ी में डालने के लिए ताजा घी हरियाणा से आगरा लाया जाता था। फूड हिस्टोरियन सलमा हुसैन की मानें तो अकबर 4 दिन मांसाहार और तीन दिन शाकाहार लेता था।

End of Feed