Roshni Par Shayari : जीवन में हर किसी के हिस्से में कुछ न कुछ अंधेरा जरूर आता है। कभी हालात का, कभी मन का, तो कभी रिश्तों के उतार-चढ़ाव आपके लिए अंधेरा लेकर आते हैं। लेकिन जब इंसान हार नहीं मानता तो मुश्किलें अपने आप कमजोर होती जाती हैं। दिवाली का त्योहार भी यही सिखाती है की हमें अपने भीतर की रोशनी को हमेशा जलाए रखना चाहिए। अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, एक छोटी सी उम्मीद की लौ भी उसे चीर देती है। यही भाव हमें कुछ शायरियों में भी नजर आता है। यहां पढ़ें रोशनी पर शानदार शायरी...
रोशनी पर शायरी
1. रात चाहे कितनी भी लंबी हो, सुबह जरूर होती है,
अंधेरों के बाद ही, रोशनी का सफर शुरू होता है।
2. दीयों की तरह जलते रहो अंधेरों के बीच,
वही रोशनी है जो राह दिखाती है।
3. चाँद भी हैरान दरिया भी परेशानी में है
अक्स किस का है कि इतनी रौशनी पानी में है
4. अंधेरों ने ही सिखाया है रोशनी की कीमत,
वरना दीए तो जलते ही रहते हैं मंदिरों में।
5. खुद की रौशनी से ही दुनिया को रौशन करो,
सूरज बनो, दीयों की गिनती में मत उलझो।
6. नहीं है मेरे मुक़द्दर में रौशनी न सही
ये खिड़की खोलो ज़रा सुबह की हवा ही लगे
7. जिंदगी का हर अंधेरा मिट जाएगा एक दिन,
अगर तू खुद पर भरोसा रखेगा।
8. थोड़ी सी रौशनी ही काफी है अंधेरे मिटाने को,
बस एक उम्मीद चाहिए जिंदगी सजाने को
9. अंधेरा कितना भी गहरा हो, डरना मत,
दीया छोटा ही सही, पर हौसला बड़ा रख।
10. रात जितनी गहरी होगी, सुबह उतनी पास होगी,
बस भरोसा रख, ये वक्त भी खास होगी
